बिजनौर में राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में 17 हजार 809 वादों का निस्तारण कर दस लाख 35 हजार 215 का अर्थदंड वसूला गया। एक करोड़ 40 लाख 25 हजार 368 रुपये का मोटर दुर्घटना मुआवजा भी दिलवाया गया।
लोक अदालत में जिला जज पीके श्रीवास्तव ने मोटर दुर्घटना के आठ वादों में 14 लाख 70 हजार, एडीजे आलोक पाराशर ने 13 वादों में पांच लाख 72 हजार, एडीजे विवेक संगल ने आठ वादों में आठ लाख 25 हजार, एडीजे संदीप जैन ने 15 वादों में 7.64 लाख, एडीजे ओपी वर्मा ने नौ वादों में दस लाख, एडीजे मुनव्वर जहां ने पांच वादों में 13.35 लाख, एडीजे निकुंज मित्तल ने 11 वादों में 1.20 लाख, एडीजे महेंद्र सिंह ने 32.42 हजार, स्पेशल जज नसीम अहमद ने 178 वादों में 10.20 लाख रुपये का दुर्घटना मुआवजा दिलवाया।
फैमिली कोर्ट के न्यायधीश पीएन राय ने 38 वादों में 47 हजार 500 रुपये दिलाए। सिविल जज अर्पणा पांडे ने 59 वादों में 36 लाख 16 हजार के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। एडीजे फास्ट ट्रैक रजनीश कुमार, लघुवाद न्यायधीश राकेश वशिष्ठ, सीजेएम महेशानंद झा, सिविल जज जेडी सुनाली पूनिया ।
एसीजेएम कृष्ण कुमार सिंह, एसीजेएम चंचल, एसीजेएम हेमंत कुमार, अपर सिविल जज दिव्या भार्गव, अपर सिविल जज रघुवर सिंह, सिविल जज नजीबाबाद दिनेश कुमार, एसीजेएम नगीना अरूण कुमार, सिविल जज नगीना विनय प्रकाश, सिविल जज चांदपुर कुश कुमार ने वादों का निस्तारण कराया। बैंकों के 561 वादों का निस्तारण कर दो करोड़ की ऋण वसूली की गई। सर्वाधिक केस सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के निपटाए गए।