गांवों में मिला वोट, शहर में पिछड़ गई भाजपा
बिजनौर। नजीबाबाद सीट पर साल 1991 में भाजपा की जीत हुई थी, तब से लेकर आज तक भाजपा इस सीट पर अपना परचम नहीं लहरा पाई है। चुनावी पंडितों की मानें तो मुस्लिमों ने गोलबंदी करके सपा को पक्ष में वोट दिया। बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे मुस्लिम उम्मीदवार शाहनवाज आलम को मुस्लिमों ने नकार दिया। हालांकि शाहनवाज आलम दलितों का वोट अपने पक्ष में रोकने में कामयाब रहे। जिस वजह से शहनवाज आलम को 44727 वोट मिले। सपा के तसलीम अहमद ने 102675 वोट हासिल किए। जबकि भाजपा के उम्मीदवार भारतेंद्र सिंह 78905 पर ही सिमट गए। पिछले चुनाव में सपा को 82 हजार वोट मिले थे। बताया जा रहा है कि नजीबाबाद में भाजपा की गुटबंदी हावी रही। मतगणना के रुझानों पर गौर किया जाए तो गांव देहात में भाजपा को वोट मिला, जबकि शहरी क्षेत्रों में दाखिल होते ही भाजपा पिछड़ती चली गई।