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एक ही मुकदमे पर दो बार लगा दी गुंडाएक्ट, खारिज

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बिजनौर। कोई नया अपराध नहीं, पुराने केस के आधार पर छह महीने तक जिला बदर की सजा काट ली गई। फिर भी पुलिस ने दोबारा से गुंडा एक्ट के लिए बीट सूचना भेज दी। अब केस को एडीएम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट ने हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मसीत के रहने वाले नौशाद पुत्र बुंदू और नौशाद पुत्र अय्यूब के खिलाफ बीट सूचना दर्ज करते हुए जिला बदर किए जाने को केस बनाया। नवंबर 2021 को बीट सूचना दर्ज की गई। एडीएम कोर्ट में सामने आया कि साल 2018 में दोनों के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था। जिसके आधार पर साल 2020 में गुंडा एक्ट में छह माह के लिए जिला बदर किया गया। छह महीना जिला बदर की सजा पूरी कर ली गई। कोर्ट ने तर्क दिया कि पुराने मुकदमे के आधार पर जिला बदर किया जा चुका है, कोई नया अपराध हुआ ही नहीं। जिसके चलते दोबारा बीट सूचना पर दर्ज किए गए केस को खारिज कर दिया। वहीं पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कुछ दिन पहले नाबालिग पर लगा दी थी गुंडा एक्ट
कुछ समय पहले एडीएम कोर्ट से एक मामला और खारिज किया गया था। यह चांदपुर क्षेत्र का मामला था। इसमें जब गुंडा एक्ट और जिला बदर के लिए संस्तुति की गई थी, वह नाबालिग था। एडीएम कोर्ट से यह मामला भी खारिज किया गया था और पुलिस को पत्र लिखा गया था।
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वर्जन::
एक केस में दो बार सजा देने का प्रावधान नहीं है। जिन मुकदमों के आधार पर गुंडा और जिला बदर की संस्तुति की गई थी, उसमें दोनों आरोपी पहले ही जिला बदर रह चुके हैं। यह केस खारिज कर दिया गया और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। - अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
वर्जन...........
पुलिस अपराधी को सजा के लिए प्रयास करती है। इसी के चलते बीट सूचना दर्ज की गई। अब ये कोर्ट पर निर्भर करता है कि केस को खारिज करे या सजा सुनाए। ....दिनेश सिंह, एसपी बिजनौर
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