गोहावर 35 ने गंवाई जान, अभी भी कई बीमार
नूरपुर। कोरोनाकाल में जहां कोराना कहर बरपा रहा था, वहीं दूसरी ओर मामूली बीमारी भी भयंकर रूप ले चुकी थी। बात गोहावर की करें तो यहां पिछले 45 दिन बहुत भारी गुजरे। एक या दो नहीं, बल्कि 35 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवां दी। हालात यह हैं कि अब भी कई लोग बीमार हैं और बेहतर इलाज का इंतजार कर रहे हैं। यहां के ग्रामीण स्थायी कैंप लगाकर मरीजों की जांच करने और इलाज कराने की मांग कर रहे हैं।
गोहावर कस्बा दो ग्राम पंचायत गोहावर हल्लू और गोहावर जैत को मिलाकर बना है। यहां की आबादी करीब 13 हजार है। ग्रामवासियों के अनुसार अप्रैल माह से दोनों ग्राम पंचायतों में मरने वालों में अधिकांश को बुखार के बाद सांस लेने में परेशानी हुई थी। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी चिकित्साधिकारी अजय धर्मेश गंधर्व के नेतृत्व में गांव में कैंप लगाकर कोरोना के साथ अन्य बीमारियों की जांच की थी, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नही हैं। ग्रामवासियों ने गांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्थाई कैंप लगाकर बीमारों का इलाज कराने व गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत गोहावर जैत में आबिद हुसैन(54), शकुंतला देवी(86), पूरन सिंह(48), राखी देवी (37),दिनेश(54), निरुपमा चौहान (57), पूनम देवी(54), शाहिद हुसैन(54), शंकरलाल(65), रजत कुमार(26), जयमाला(65), पवन कुमार(55), रामवती(72), दीपक(17), असगरी(85), फैसल (20), असगरी(60) व संजोता देवी (55) के अलावा ग्राम पंचायत गोहावर हल्लू में महेंद्र(58), अमर सिंह(35), सुरेश देवी(50), समन्ता(55), कृपाल(65), अनीता गुप्ता(58), उषा देवी(65), खुर्शीद अहमद(38), योगेश(55) व रामवती(65) बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।
अभी कई हैं बीमार
गोहारवर में मौत का तांडव भले ही धीमा पड़ा हो, लेकिन बीमारों की संख्या अभी बहुत है। रवि, आकिब, हुमैरा, नईमा, प्रवेंद्र, चंचल, अनीता, कौशल, अर्चना, भवनेश्वरी, लव कुमार, संतोष, आकांक्षा सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी बुखार व खांसी से पीड़ित हैं।
सात हजार की आबादी पर केवल दो सफाईकर्मी
गोहावर जैत की नव निर्वाचित ग्राम प्रधान मुन्नी देवी का कहना है कि वह गांव में दो बार अपने खर्च पर सैनिटाइजेशन करा चुकी हैं। निजी खर्च पर मजदूर लगाकर सफाई भी कराई है। उनका कहना है कि गांव की आबादी सात हजार होने के बाद भी केवल दो सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर हो चिकित्सक की तैनाती: परम सिंह
गोहावर हल्लू के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान परम सिंह भी दो बार गांव को सैनिटाइज करा चुके हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए।
हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
गोहावर में दो बार कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है। आशा घर घर जाकर बीमारों का सर्वे कर रहीं हैं। वह खुद भी स्थिति पर नियमित नजर रखे हुए हैं।
डॉ अजय धर्मेश गंधर्व
प्रभारी चिकित्साधिकारी नूरपुर।
रास्तों में लगे गंदगी के अंबार, कैसे रूके बीमारियां: सचिन प्रताप
गोहावर निवासी सचिन प्रताप का कहना है कि गांव के मुख्य रास्तों पर गंदगी के अंबार लगे हैं और इसी से बीमारी फैल रही है।
सोनू रस्तोगी का कहना है कि गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव तो हुआ है, लेकिन फॉगिंग नहीं कराई गई। मच्छरों के कारण हालत बेहद खराब हैं। गांव में प्रति सप्ताह फॉगिंग होनी चाहिए।