फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: इतिहास बन गई नगीना में बनने वाली कांच की गंगाजली

विज्ञापन
विज्ञापन
कांच की शीशी निर्माण करने वाली आखिर भट्ठी की आग भी बुझी
विज्ञापन

अब कांवड़िए प्लास्टिक की शीशी में गंगाजल भरकर जलाभिषेक करेंगे



गौरव गोयल
नगीना (बिजनौर)। एक दौर में नगीना में बनने वाली कांच की गंगाजली कांवड़ की शान हुआ करती थी। मगर, अब कांच की शीशी का उद्योग ही दम तोड़ चुका है। ऐसे में आखिरी उम्मीद के तौर पर चल रही कांच की शीशी बनाने की एक मात्र भट्ठी की आग भी बुझ गई है। अब कांवड़िए प्लास्टिक की शीशी में गंगाजल भरकर जलाभिषेक करेंगे।
एक जमाने में सलमा की शादी के सिंगारदान में रखे जाने वाले इत्र की शीशी हो या श्यामू के कांवड़ के भीतर रखे जाने वाली कांच की गंगाजली, सभी में नगीना के शिल्पकारों का ही हुनर बोलता था। नगीना के मनिहारी सराय मोहल्ले में रहने वाले अधिकतर मुस्लिम परिवार कोयले की भट्टियों पर कांच की शीशी बनाने का काम करते थे। सौ से भी अधिक भट्टियों पर यह पुश्तैनी काम हुआ करता था। मगर, सस्ते दामों पर लकड़ी और कोयले की उपलब्धता न होने के कारण उद्योग पिछले साल तक सिर्फ एक परिवार तक ही सीमित रह गया था।
विज्ञापन

इस काम को एकमात्र भट्टी के सहारे जिंदा रखने वाले 77 वर्षीय अब्दुल सलाम बताते हैं कि सरकारी उपेक्षा और लकड़ी के दामों में भारी बढ़ोतरी होने के कारण वह इस बार अपनी भट्टी में आग नहीं जला पाए। उनका कहना है कि लकड़ी के दाम पिछले कई वर्ष से दोगुने हो चुके हैं।
खाली हाथ लौटे दुकानदार



अब्दुल सलाम बताते हैं कि इस बार उनकी आंखें उस समय नम हो गई जब शिवरात्रि के लिए हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर, अनूप शहर, कासगंज इत्यादि शहरों से दुकानदार कांच की शीशी लेने आए। मगर, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। कहते हैं कि यह उनका तीन पीढ़ियों पुराना काम था।
सरकार करें सहायता तो दोबारा पनप सकता है कारोबार



कांच की शीशी को वर्षों तक अपने हाथों से बनाने वाले बुजुर्ग नजर हुसैन और इकरार अहमद बताते हैं कि यदि सरकार सस्ते दामों पर कोयला और लकड़ी उपलब्ध करा दे तो उद्योग फिर से जिंदा हो सकता है।
विज्ञापन









यदि सरकार मदद करती तो नगीना का यह कांच की शीशी का उद्योग बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार देने वाला बड़ा साधन होता। इस मुद्दे को वह विधानसभा में उठाएंगे। - मनोज पारस, सपा विधायक, नगीना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें