हिंदी का प्रश्नपत्र बदले जाने की शिकायत करते विद्यार्थी।
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बिजनौर के राजकीय इंटर कॉलेज काशीरामपुर भागूवाला में परीक्षा केंद्र में मंगलवार को हुई यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की लापरवाही से विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को साहित्य प्रश्नपत्र और साहित्य वर्ग के छात्रों को सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। 40 विद्यार्थियों के साथ हुई इस लापरवाही की शिकायत बुधवार को अभिभावकों ने प्रधानाचार्य से की। प्रधानाचार्य ने दोनों कक्ष निरीक्षकों को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से हटा दिया है। उधर, डीआईओएस ने भी गंभीर लापरवाही मानते हुए मामले में जांच बैठा दी है।
राजकीय इंटर कॉलेज काशीरामपुर (भागूवाला) परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को दूसरी पाली (अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक) में हिंदी सामान्य और हिंदी साहित्य का प्रश्नपत्र था। कक्ष संख्या तीन में विज्ञान और साहित्य वर्ग के 40 विद्यार्थी बैठे थे। इनमें आधे विद्यार्थी विज्ञान वर्ग के थे जिन्हें सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र दिया जाना था। कक्ष निरीक्षकों ने विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को साहित्य प्रश्नपत्र और साहित्य वर्ग के विद्यार्थियों को सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र वितरित कर दिया। इसके बाद विद्यार्थी प्रश्नपत्र हल करने में जुट गए। परीक्षा संपन्न होने के बाद विद्यार्थियों ने जब प्रश्नपत्र पर आपस मेेें चर्चा की तो कक्ष संख्या तीन में गलत प्रश्नपत्र दिए जाने का खुलासा हुआ। विद्यार्थियों ने तुरंत ही इसकी शिकायत प्रधानाचार्य से की। प्रधानाचार्य ने मामले को दिखवाने की बात कहकर विद्यार्थियों को घर भेज दिया। विद्यार्थियों ने यह जानकारी घर पहुंच कर परिजनों को बताई। बुधवार को पीड़ित विद्यार्थी अभिभावकों के साथ केंद्र व्यवस्थापक/प्रधानाचार्य ब्रह्मपाल सिंह से मिले। नांगलसोती, तिसोतरा, व भागूवाला क्षेत्र के विद्यार्थियों लोकेंद्र सिंह, माधव, निकेता, नेहा रानी, लवी, मनीष, नेहा द्वितीय, कपिल ने बताया कि साहित्य का पाठ्यक्रम अलग होने से उनका प्रश्नपत्र खराब हुआ है। इससे उनका शैक्षिक भविष्य प्रभावित होने की संभावना है।
इस पर प्रधानाचार्य ने बताया कि डीआईओएस को इस संबंध में अवगत का दिया गया है। साथ ही कक्ष संख्या तीन के कक्ष निरीक्षकों सेंट मैरी स्कूल मंडावली की शिक्षिका सना खातून और नूतन इंटर कॉलेज तिसोतरा के शिक्षक सत्येंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से हटा दिया गया है।
विद्यार्थियों से भी हुई गलती: डीआईओएस
कक्ष निरीक्षकों के साथ विद्यार्थियों की भी गलती है। उन्होंने प्रश्नपत्र की जांच किए बिना प्रश्नपत्र हल किया। परीक्षा शुरू होते ही जानकारी मिलती तो प्रश्नपत्र बदल दिया जाता। उन्होंने प्रकरण की जांच कराने की बात कही। बताया कि फिलहाल लापरवाही करने वाले दोनाें कक्ष निरीक्षकों को हटा दिया गया है। - राजेश कुमार, डीआईओएस।