- गंगाघाट पर विद्युत शवगृह निर्माण के लिए डीपीआर बनाकर स्वीकृति को भेजी
- बांस की खेती को किया जाएगा प्रोत्साहित, जैविक खेती को किया जा रहा प्रोत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गंगा के कटान को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए गंगा के किनारों पर बांस के पौधे लगाए जाएंगे। गंगा तटीय ग्रामों में जैविक खेती, बांस खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बिना बजट के आमदनी के स्रोत तैयार किए जाएंगे। गंगा घाट पर विद्युत शवदाह गृह निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर अनुमोदन के लिए शासन को प्रेषित किया गया। कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में कूड़ा जलाना प्रकाश में आने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी नगर निकाय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति तथा जिला पर्यावरण समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने वन एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि गंगा नदी का कटान रोकने के लिए गंगा के किनारे बांस आदि के अधिक से अधिक पौध रोपित करें। उनके संरक्षण की समुचित व्यवस्था भी की जाए।
गंगा तटीय स्थित ग्रामों को पूर्ण रूप से प्रदूषण मुक्त करने, वाटर ट्रीटमेन्ट करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, नकद आय प्राप्त करने के लिए बांस की खेती को स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि गंगा घाट पर विद्युत शवगृह निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करा कर अनुमोदन के लिए शासन को प्रेषित करें।
बिजनौर में वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट का निर्धारित बिन्दुओं पर निरीक्षण करें कि प्लांट नियमानुसार क्रियाशील है। उन्होंने बॉयो वेस्ट पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण अधिकारी को आदेश दिए कि तत्काल गंगा तटीय ग्रामों को प्रदूषण मुक्त बनाने को कार्य योजना प्रस्तुत करें। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारी नगर में प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करें और उनसे अर्थदण्ड वसूलें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. विजय कुमार गोयल, एसडीओ वन ज्ञान सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे।