- बिजली सब स्टेशन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य शुरू
- नौ लाख लीटर के बनाए जा रहे पानी के दो भूमिगत टैंक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज को सत्र 2023-24 से चालू करने की तैयारी है। मगर निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज में पानी के दो टैंक, बिजली के दो सब स्टेशन और स्वाहेड़ी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू हो गया है। इन सभी का निर्माण पूरा कर चालू करने का लक्ष्य जून तक रखा है।
मेडिकल कॉलेज का करीब 65 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए अलग-अलग भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। पीडब्ल्यूडी से मिली जानकारी के मुताबिक अब पांच लाख लीटर और चार लाख लीटर पानी के दो टैंकों का निर्माण संस्था की ओर से शुरू कर दिया गया है। पांच लाख लीटर पानी का भूमिगत टैंक मेडिकल अस्पताल और चार लाख लीटर पानी का भूमिगत टैंक स्वाहेड़ी में बनाया जा रहा है। मेडिकल अस्पताल में बन रहे पानी के टैंक से सात मंजिला भवन तक पानी पहुंचाया जा सकता है।
150 किलोलीटर का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वाहेड़ी में बनाया जा रहा है। मेडिकल अस्पताल में बिजली का 2000 किलोवाट का सब स्टेशन बनाया जाएगा। स्वाहेड़ी में महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में 1600 किलोवाट सब स्टेशन बनाने का काम शुरू हो गया है। जून तक इन सब का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
इन भवनों पर चल रहा निर्माण कार्य
महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज के 11 भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। जिनमें से सात भवनों का निर्माण 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। कुछ भवनों का 50 प्रतिशत निर्माण हो गया है। हालांकि बिजनौर में 200 बेड के भवन का निर्माण मात्र 35 प्रतिशत ही हुआ है। निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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इतने प्रतिशत हुआ भवनों का निर्माण कार्य
निर्माणाधीन भवन- प्रतिशत
एकेडमिक ब्लॉक- 75 प्रतिशत
गर्ल्स हॉस्टल- 80 प्रतिशत
ब्यॉज हॉस्टल- 80 प्रतिशत
टाइप-2, 3 भवन- 90 प्रतिशत
टाइप-4,5 भवन- 50 प्रतिशत
बहुउद्देशीय हॉल- 50 प्रतिशत
प्राचार्या आवास- 60 प्रतिशत
200 बेड का भवन- 35 प्रतिशत
धर्मशाला- 80 प्रतिशत
नर्स हॉस्टल- 70 प्रतिशत
चिकित्सक आवास- 70 प्रतिशत
नोट : सभी आंकड़े पीडब्ल्यूडी से लिए गए हैं।
वर्जन
महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज को इसी सत्र से शुरू करने की तैयारी है। निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए संस्था को निर्देश दिए जा रहे हैं। अभी उनके पास संस्था की ओर से इससे संबंधित कोई पत्र नहीं आया है - डॉ. उर्मिला कार्या, मेडिकल कॉलेज बिजनौर