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गंज दारानगर में एक माह में 28 में दम तोड़ा, इलाज का इंतजार

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गंज दारानगर में एक माह में 28 में दम तोड़ा
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गंज दारानगर। दारानगर गंज क्षेत्र में पहले सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक माह पहले किसी की ऐसी नजर लगी की एक के बाद एक कई मौत हो गई। घनी आबादी का यह क्षेत्र दो गांव निजावतपुरा और दारानगर गंज के नाम से जाना जाता है। करीब एक माह में यहां 28 लोगों की मौत से लोग दहशत में हैं। लोग इसलिए भी डरे हुए हैं, क्योंकि अधिकांश मौत का कारण बुखार और फेफड़ों में संक्रमण आदि की बीमारी ही रहा। क्षेत्रवासी गांव में शिविर लगवाकर जांच कराने और उन्हें दवा दिलाने की मांग की है।
दारानगर गंजक्षेत्र में पहली मौत 20 अप्रैल को कोरोना से कृष्ण स्वरूप (95) की गाजियाबाद हॉस्पिटल में उपचार के दौरान हुई थी। इसके पांच दिन बाद हरिओम (60) की भी कोरोना से मौत हुई थी। उसी दिन ग्राम दारानगर निवासी प्रभात शर्मा (54) को तीन दिन पहले बुखार आया, जांच कराने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसी के चलते उनकी मौत हो गई। इसके बाद अन्य बीमारी ने भी लोगों की जान लेनी शुरू कर दी। अब्दुल सत्तार (60) लंबे समय से बीमारी जद में थे। जांच कराने पर वे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए और 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। चरण सिंह (60) को सांस लेने में दिक्कत होने पर 28 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। रहमतुल्ला (64) का भी लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। हनीफा (37) को बुखार आया और नौ मई को मर गई। इससे पूर्व 30 अप्रैल को मुकंदिया भी लंबी बीमारी के चलते मर गई, जबकि प्रमोद कुमार कांबोज को पहले बुखार आया और बाद में हार्ट अटैक से 19 अप्रैल को उनकी भी सांसें थम गईं। शोभा कौशिक (67), सुशील कौशिक (65), रामवती (62) इन तीनों की मृत्यु हार्ट अटैक आने के कारण हुई। किरण देवी (62), वकीला (92) की सामान्य मौत हुई। रोशनी देवी (36), रामा देवी (65) की थायराइड होने की वजह से मृत्यु हो गई। माया देवी (62), शहीद की अस्थमा से मौत हो गई। राजबाला (60) की शुगर से मौत हुई, तो सुधीर कुमार की मौत हो गई। सोनू (20) की मानसिक परेशानी की वजह से तो वहीं लक्ष्मी देवी (25) की फेफड़ों में संक्रमण होने की वजह से मौत हो गई। निजामतपुरा निवासी घिस्सू सिंह (70) की सांस की वजह से मृत्यु हुई व पुराहा निवासी शमीम अहमद की कैंसर से तीन अप्रैल को मौत हो गई।
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गांव में दौरा करे स्वास्थ्य विभाग
गंज निवासी पंकज माहेश्वरी, व्यापारी वीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि लगातार गांव में मौत होने से ग्रामीण दहशत में हैं। वर्तमान में घर-घर बुखार के मरीज हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम कोई सुध नहीं ले रही है।
ग्रामीण बरत रहे सतर्कता: राजेंद्र सिंह सैनी
गंज निवासी राजेंद्र सिंह सैनी का कहना कि मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना चाहिए। बुखार आने पर तुरंत जांच करा कर ही दवा लें, बिना जांच के दवा न लें। ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं, पर मौत का आंकड़ा डरा रहा है।
गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की आवश्यकता: ग्राम प्रधानपति
निजावतपुरा गंज के ग्राम प्रधान पति सरफराज का कहना है कि मौत होने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इतनी मौतों से लोग डरे हुए हैं। साफ-सफाई नियमित रूप से कराई जा रही है। गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच कराने एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
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गांव में कराई जाएगी जांच: डॉ. मदनपाल सिंह
उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंज में किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। एएनएम की ड्यूटी होती है, जो इस समय वहां मौजूद है। गांव में हो रही मौतों की जानकारी मिल रही है। अगर गांव में बुखार या अन्य किसी बीमारी से कोई मौत हुई है, तो आशाओं को घर-घर भेजकर सर्वे कराया जा रहा है और उन्हें समय-समय पर दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं जांच भी कराई जा रही है।
--डॉ. मदनपाल सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हल्दौर
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