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‘शुक्रताल की ओर मोड़ी जाए गंगा की धारा’

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‘शुक्रताल की ओर मोड़ी जाए गंगा की धारा’
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बिजनौर। गंगा की धारा बिजनौर की ओर आने से किसानों के खेत कटकर दूसरी ओर पहुंच गए हैं। किसानों की जमीन पर भूमाफिया कब्जा करके खेती कर रहे हैं। गांव कुंवर चतरपुर भोज उर्फ कोहरपुर निवासी बालमुकंद ने अफसरों से गंगा की धारा को फिर से शुक्रताल की ओर ले जाने की मांग की है। उन्होंने सुनवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
बालमुकंद ने मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित पत्र में बताया कि पहले गंगा की धारा शुक्रताल तीर्थ के पास बहती थी। धीरे धीरे गंगा की धारा बिजनौर की ओर खिसकनी शुरू हो गई। किसी भी प्रशासनिक अफसर या नेता ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। गंगा की धारा वर्तमान समय में कई किलोमीटर तक फैली हुई है। एक दर्जन से ज्यादा गांवों के किसानों के खेत कटकर गंगा में समा रहे हैं। गंगा की धारा अब खादर में गांवों के पास बह रही है, जबकि खेत धारा के दूसरी ओर पहुंच गए हैं।
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सभी किसानों के पास इतने साधन नहीं हैं कि वे गंगा पार जाकर खेती कर सकें। किसानों के खेतों पर भूमाफिया काबिज हो रहे हैं। किसान विरोध करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। अगर गंगा की धारा को फिर से शुक्रताल तीर्थ ले जाया जाए तो किसानों की जमीन उनके गांवों के पास आ जाएगी और भूमाफिया से आजादी मिल जाएगी। लेकिन सिंचाई विभाग इस संबंध में लिखित आश्वासन देने को तैयार नहीं है। अगर गंगा शुक्रताल तीर्थ नहीं लाई गई तो 31 मार्च से वह धरना शुरू कर देंगे और सिंचाई विभाग के अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराएंगे। अगर फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेंगे। इसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी।
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