बिजनौर के नजीबाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से गौसपुर में कृषि भूमि का कटान शुरू हो गया है। कई किसानों की करीब चार बीघा से अधिक भूमि गंगा में समा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों के दौरों के बावजूद कटान रोकने का प्रबंध न किए जाने से किसानों में रोष है। उधर, बड़िया क्षेत्र में मालन नदी ने संपर्क मार्ग में कटान करना शुरू कर दिया है।
गौसपुर क्षेत्र में उफनती गंगा से होने वाले भूमि कटान को रोकने के लिए प्रशासन एक बार फिर से उदासीन साबित हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक सप्ताह पहले क्षेत्र का दौरा कर किसानों को उफनती गंगा से तबाही रोकने का आश्वासन दिया था। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही दिनेश कुमार, ताराचंद, अनिल कुमार, वीरेंद्र सिंह, धनीराम, रामप्रसाद, सुरेंद्र सिंह, अरविंद की करीब चार-पांच भूमि गंगा बहा ले गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने कृषि भूमि कटान रोकने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। कोरे आश्वासन के चलते क्षेत्र में भूमि और फसलें गंगा में समाना शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने तटबंध बनाने की मांग की है।
उधर, बड़िया-जट्टीवाला मार्ग पर करीब डेढ़ दशक पहले मालन नदी पर कारसेवा से पुल का निर्माण किया गया था। जून में मालन नदी में उफान आने पर पुल से जुड़े संपर्क मार्ग में कटान हुआ था। जिस स्थान पर मार्ग में कटान हुआ, वहां सड़क से काफी नीचे मालन नदी की धार मिट्टी का कटान कर रही है। दो दिन पहले पहाड़ों पर तेज बारिश से मालन नदी में उफान आने से तेजी से मिट्टी कटान होने से मार्ग अब पहले से ज्यादा कट चुका है। लोगों को आशंका है कि जब जब मालन नदी में उफान आएगा, मार्ग में और भी ज्यादा कटान होगा। मार्ग कटने से बड़िया, भुड्डी, बीरूवाला, मेदूवाला, जट्टीवाला, ताहरपुर सहित कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित होगा।
उफान से अस्थाई रपटा हुआ ध्वस्त
नांगलसोती। नांगल क्षेत्र के पूंडरीकला-बरमपुर मार्ग पर मालन नदी का अस्थाई रपटा ध्वस्त हो गया। मालन नदी में उफान आने से पानी के तेज बहाव में रपटा बह गया। जिससे सबलपुर बीतरा, पूंडरीखुर्द, बरकातपुर, ताहरपुर, नयागांव, ज्वाली, ज्वाला, रायपुर का संपर्क टूट गया। संपर्क टूटने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।