गौसपुर में बढ़ा गंगा का जलस्तर
नांगलसोती। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते गांव गौसपुर में अचानक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। कटान रोकने के लिए बनाए गए अस्थायी तटबंधों के पीछे से नदी का पानी गुजरा, जिससे ग्रामीण कटान को लेकर चिंतित हैं।
गंगा नदी पिछले एक दशक से गांव गौसपुर की ओर कटान कर रही है, जिसमें ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। कटान क्षेत्र से गांव की दूरी मात्र 60 मीटर रह गई है। सिंचाई विभाग की ओर से गांव में कटान रोकने के लिए 19 अस्थायी तटबंध बनाए गए हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण भूपेंद्र सिंह, विपिन कुमार, अवनीश, भूदेव सिंह का कहना है कि गंगा नदी का पानी अस्थायी तटबंधों के पीछे से गुजर रहा है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो गांव में फिर से कटान शुरू हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी तटबंध बनवाने की मांग की है।
उधर, सिंचाई विभाग के जेई मनोज कुमार का कहना है कि गंगा में मिट्टी के टीलों से तीन मीटर की दूरी पर तटबंध बनाए गए हैं। जलस्तर बढ़ने पर मिट्टी कटकर अस्थायी तटबंधों के अंदर भर जाएगी, जिससे कटान नहीं होगा।
प्राइमरी स्कूल में बाढ़ चौकी, तिसोतरा में आश्रयस्थल
एसडीएम विजय वर्धन तोमर के निर्देश पर गांव के प्राइमरी विद्यालय में बाढ़ चौकी बनाई गई है। कानूनगो तेजपाल सिंह, लेखपाल रामानंद, ललित कुमार, शेखर की ड्यूटी बाढ़ चौकी पर लगी है, जो नदी के जलस्तर बढ़ने और नदी से हो रहे कटान पर पैनी निगाह रखे हुए है। लेखपाल ललित कुमार ने बताया कि अधिक कटान होने की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए नूतन इंटर कॉलेज तिसोतरा को आश्रय स्थल बनाया गया है।
नदी का तीन फीट जलस्तर बढ़ा
गांव गौसपुर के कटान क्षेत्र में गंगा नदी का पहले से तीन फीट जलस्तर बढ़ गया। सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए अस्थायी तटबंधों से करीब 40 मीटर आगे की ओर गंगा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। कटान होने पर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
नांगलसोती के गांव सौफतपुर में कृषि भूमि का कटान करती गंगा नदी।- फोटो : NAZIBABAD