- मेला आयोजन की तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रुप, केवल चार दिन शेष
- पक्के शौचालयों के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, रास्तों को भी किया जा रहा मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विदुर कुटी के पास गंगा की रेती में तंबुओं का शहर आबाद होने में अब चार दिन ही बाकी रह गए हैं। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पेयजल से लेकर पथ प्रकाश और रास्तों को बनाए जाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिला पंचायत मेला आयोजन की कवायद में लगी है तो वहीं पुलिस महकमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खाका तैयार कर रहा है।
शनिवार को विदुरकुटी से करीब ढाई किलोमीटर दूर गंगा किनारे मेला आयोजन स्थल पर शौचालयों के निर्माण ने तेजी पकड़ी। 435 पक्के शौचालय बनाए जा रहे हैं। इनमें पानी की आपूर्ति भी पाइप लाइन से की जाएगी। इन्हें सीधे पम्पिंग सेट से जोड़ा जाएगा। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए भी लाइटों को लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
बता दें कि 23 नवंबर को मेले का उद्घाटन किया जाएगा। करीब चार दिनों तक चलने वाले मेले में मुख्य गंगा स्नान 27 नवंबर को होना है। मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है जोकि तंबू लगाकर दो से तीन दिनों तक ठहरते हैं। हालांकि तमाम लोग मुख्य गंगा स्नान की पूर्व संध्या पर ही पहुंचते हैं। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए ढाई ढाई किलोमीटर लंबे दो रास्ते तैयार किए गए हैं। मेला परिसर के अंदर भी मार्ग तैयार हो गए हैं।
पचास हजार वर्ग मीटर बढ़ाया है मेले का दायरा
इस बार मेला चार लाख वर्ग मीटर में रहेगा। पिछले साल के मुकाबले करीब पचास हजार वर्ग मीटर ज्यादा है। ऐसे में मेला स्थल पर श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए ज्यादा जगह मुहैया होगी। लोगों को डेरा बनाने के लिए आसानी होगी। इस बार भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए मेले का दायरा बढ़ाया गया है।
छह सेक्टरों में बांटा गया है मेला स्थल
मेला छह सेक्टरों में बांटा गया है। सभी सेक्टर में एक एक पुलिस चौकी रहेगी। यातायात को लेकर भी एक और वैकल्पिक रास्ता तलाशा जा रहा है। बता दें कि स्टेट हाईवे से मेला स्थल तक पहुंचने के लिए दो रास्ते पहले ही तैयार कर लिए गए हैं। उधर, इन रास्तों में भीड़ के चलते एक रास्ता वैकल्पिक रखा जाएगा, जिससे आपात स्थिति में मेला स्थल तक आवागमन सुगम हो सके।