बिजनौर जिले में सामूहिक दुष्कर्म की एक पीड़िता को लोकलाज के भय से अपनी जान देने पर मजबूर होना पड़ा।
पीड़ित किशोरी से तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने लोकलाज के चलते मामला दबा दिया।
आत्मग्लानि में किशोरी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया तो मामले का पता चला।
बताया गया कि तीन दिन पहले खेत पर जाते समय किशोरी से दुष्कर्म हुआ था।
किशोरी ने जब घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी तो परिजनों ने लोकलाज के चलते आरोपियों से फैसला कर मामला दबाने का प्रयास किया।
किशोरी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ी हुई थी, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। परिजनों के इस फैसले से किशोरी को इतनी आत्मग्लानि हुई कि उसने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया।
बताया गया कि इस गांव में कुछ दिनों पहले भी गैंगरेप का एक मामला हुआ था।
किशोरी का उपचार करने वाले चिकित्सक का कहना है कि हालत गंभीर होने पर किशोरी को रेफर कर दिया गया है।
एसओ घनेंद्र यादव का कहना है यदि परिजन तहरीर देंगे तो रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई की जाएगी।