कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन देते छोटूराम डिग्री कालेज के छात्र।स्रोत - छात्र
- एडीएम प्रशासन के सामने रखा पूरा मामला
- डीआईओएस ने विश्वविद्यालय के कंट्रोलर से बात की
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। विश्वविद्यालय के नये नियमों में छोटूराम डिग्री कॉलेज के 150 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। इन छात्रों ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर के समक्ष पूरा मामला रखा। एडीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने विवि के कंट्रोलर से बात की।
छोटूराम कॉलेज चौथे सेमेस्टर के 150 छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। जब इन छात्रों ने प्रवेश लिया उस समय 33 प्रतिशत पर छात्र पास हो रहा था। बाद में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में रिकाॅर्ड चला गया और सरकार ने 50 प्रतिशत पर पास के आदेश कर दिए। नई शिक्षा नीति में यह व्यवस्था लागू हुई। पहले साल जो छात्र पास हुए उन्हें 50 प्रतिशत के नियम में फेल कर दिया। इसमें 150 छात्रों के सामने समस्या पैदा हो गई। यहां बिहार, यूपी के अन्य जिलों के छात्र अध्ययनरत हैं। ये छात्र कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
एडीएम ने इस मामले में डीआईओएस को विश्वविद्यालय में बात करने के लिए कहा। इसके बाद कंट्रोलर से बात की गई। कंट्रोलर ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है। इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेश मलिक ने बताया कि इन छात्रों की परीक्षा एक सितंबर से होनी थी, समस्या का निराकरण हो इसलिए पांच से परीक्षा होगी। हम विश्वविद्यालय को कई बार लिख चुके हैं। 80 प्रतिशत छात्रों की समस्या का समाधान हो चुका है। केवल कुछ ही बचे हैं। इनकी समस्या के निदान के लिए लगातार बात कर रहे हैं।