-महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में हुआ नूतन छात्र अभिनंदन समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो गई है।विद्यार्थियों का एप्रन पहनाकर स्वागत किया गया। एप्रन पहनते ही विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए उत्साहित नजर आए।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज में नूतन छात्र अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। इसमें अलावा चरक शपथ दिलाई गई। गुरु के अधीन होकर अनुशासित जीवन व्यतीत करने के लिए कहा। साथ ही फाउंडेशन कोर्स की शुरूआत भी हो गई। आगामी पांच साल तक पढ़ाई कर बेहतर डॉक्टर बनेंगे।
डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के फीडबैक से ही मेडिकल कॉलेज की पहचान होगी। बहुत मेहनत करने की जरूरत है। क्योंकि एक लाख की आबादी पर 300 से ज्यादा डॉक्टर जरूरी हैं। प्राचार्या डॉ. उर्मिला ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। वह 24 घंटे उनके साथ खड़ी रहेंगी। सभी विद्यार्थी पढ़ाई कर आगे बढ़ें।
सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने कहा कि यह आधुनिक मेडिकल कॉलेज है। विद्यार्थियों को यहां अच्छी सुविधा मिलेगी। समय का सदुपयोग करें और यहां से अच्छा व्यवहार सीखें। सीएमएस डॉ. मनोज सेन ने कहा आपके पास पढ़ाई के साथ-साथ आपको समाज को पढ़ने का भी नजरिया होना चाहिए। जो आपको एक बेहतर डॉक्टर बनाएगा।
सीएमएस डॉ. प्रभा रानी, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. सुधांशु अग्रवाल, डॉ. आलोक त्रिपाठी, डॉ. रेखा, डॉ. विक्की, डॉ. सुनील मलिक आदि ने अपने विचार रखें। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. सुनील वशिष्ठ, डॉ. विदित दीक्षित, डॉ. पूजा शर्मा आदि मौजूद रहे।
ये बोले विद्यार्थी
विद्यार्थी शशिकांत, रूबी चंदा, याचिका, विवेक ने बताया कि उन्होंने एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए काफी मेहनत की है। रातों पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इंटरमीडिएट के बाद से ही वे नीट की तैयारी में जुट गए थे। उनके जीवन में यह दिन बहुत ही यादगार रहेगा।
कॉलेज में नेटवर्क की समस्या
मेडिकल कॉलेज के आसपास मोबाइल टावर नहीं है। इसकी वजह से कॉलेज में नेटवर्क की समस्या है। कॉल करने में काफी परेशानी होती है। इसके अलावा हाईवे पर मेडिकल कॉलेज के संकेतक भी नहीं लगे हुए हैं। इससे लोगों को कॉलेज में तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही हैं।
जरूरत के लिए कॉलेज में खड़ी होगी एंबुलेंस
मीडिया प्रभारी डॉ. विदित दीक्षित ने कहा कि कॉलेज के आसपास अस्पताल नहीं है। इसके लिए कॉलेज में एक एंबुलेंस खड़ी करने के लिए सीएमओ से कहा गया है। साथ ही कॉलेज में इलाज के लिए एक इमरजेंसी डेस्क भी बनेगी।