बिजनौर जिले की चार ग्राम पंचायतों में 18 लाख रुपये से ज्यादा का घोटाला पकड़ा गया है। इस मामले में नूरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप पत्र तय करने के लिए मामले की जांच नहटौर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सौंपी गई है। आरोपी निलंबन अवधि में नूरपुर ब्लाक से संबद्ध रहेगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार छोटे सिंह नूरपुर ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी है। इससे पहले वह मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की ग्राम पंचायत जमालपुर पठानी, मंडावली सैदू, बरुकी और इस्लामपुर लालू में तैनात रहा है। शासन के निर्देश पर उक्त ग्राम पंचायतों का जिले की ऑडिट टीम ने विशेष ऑडिट किया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार छोटे सिंह ऑडिट टीम के समक्ष उपस्थित ही नहीं हुए और न ही वह कोई अभिलेख प्रस्तुत कर सके। छोटे सिंह को प्रथम दृष्टया जमालपुर पठानी ग्राम पंचायत में आठ लाख 8015 रुपये, मंडावली सैदू में दो लाख 84,375 रुपये, बरुकी में 2,24511 रुपये तथा इस्लामपुर लालू ग्राम पंचायत में 5,28091 रुपये का घोटाला करने का दोषी माना गया है। छोटे सिंह को सस्पेंड करके नूरपूर ब्लॉक से अटैच कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच नहटौर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सौंपी गई है। वह एक माह में जांच पूरी करके छोटे सिंह के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करेंगे।
अभी कई और गिरेगी गाज
जिले की ग्राम पंचायतों में पैसे की हेराफेरी पकड़े जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले नजीबाबाद ब्लॉक में भी बड़े घोटाले का खुलासा हो चुका है। जिसमें आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर हुई थी। पंचायत राज विभाग के अनुसार ऑडिट में जिले की कई ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत अधिकारी पैसे की घपलेबाजी की लपेट में हैं। विभाग इनकी छानबीन में लगा है। अभी कुछ और ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।