संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। एनआरसी एवं सीएए के विरोध में साल 2019 में निकाले गए जुलूस के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ एवं पथराव किया गया था। इस मामले में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शमशाद अंसारी पर मुकदमा दर्ज हुआ था। शुक्रवार को शमशाद अंसारी और उनके साथी आसिफ अंसारी सीजेएम न्यायालय में पेश हुए। सीजेएम नरेंद्र कुमार ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है।
साल 2019 में एनआरसी एवं सीएए के विरोध में एक जुलूस निकाला गया था, जो बिजनौर की जामा मस्जिद से शुरू होकर नगर पालिका से शक्ति सिनेमा की ओर बढ़ा।
प्रदर्शनकारी के पास तमंचे, तलवार, लाठी डंडे थे। वे उग्र हो गए और उन्होंने रास्ते में खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करने लगे। पथराव भी किया। इससे शहर में आतंक व्याप्त हो गया था। इस घटना पर शहर कोतवाली में मुकदमे दर्ज हुए थे।
पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में पूर्व पालिका अध्यक्ष शमशाद अंसारी, आसिफ अंसारी, समीउल्लाह सहित अनेक आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट वर्ष 2020 में दाखिल की थी। तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
शुक्रवार को इस मामले में पूर्व पालिका अध्यक्ष शमशाद अंसारी एवं आसिफ अंसारी ने आत्म समर्पण किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीजेएम ने उन्हें 20-20 हजार रुपये के दो जमानती एवं इसी राशि का बंध पत्र दाखिल कर पर जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। जमानत दाखिल करने के बाद शमशाद अंसारी एवं आसिफ अंसारी को कोर्ट से रिहा कर दिया गया।