- भाजपा नेताओं के लिए किया अभद्र भाषा का प्रयोग, वायरल वीडियो देखकर आलोचना कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मतदान हो चुका है। जहां एक ओर हार-जीत के समीकरण पर लोग चर्चा रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो पर भी खूब चर्चा हो रही है। इस वीडियो में वर्धमान कॉलेज में भाजपा नेताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। यह आवाज पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रुचि वीरा की बताई जा रही है। बता दें कि सपा से उनकी बेटी स्वाति वीरा चुनाव मैदान में हैं। इस संबंध में जहां भाजपा नेता उनकी भाषा की आलोचना कर रहे हैं। रुचि वीरा का कहना है कि जो कुछ कहा, अपने बचाव में कहा था।
फेसबुक पर शनिवार को एक वीडियो वायरल हुई। जिसमें पूर्व विधायक रुचि वीरा मतदान वाले दिन वर्धमान कॉलेज में बनाए गए मतदान केंद्र के गेट पर खड़ी हैं। इस वीडियो में पूर्व विधायक पहले पुलिसकर्मियों से कहती हैं तो पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री, पूर्व एमएलसी समेत अन्य भाजपा नेताओं को मोबाइल अंदर कैसे ले जाने दिया गया। तभी अंदर से भाजपा नेता बाहर की तरफ आते दिखाई देते हैं। इसी बीच पूर्व विधायक भाजपा नेताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करती हैं। तभी पास से गुजर रही एक महिला पूर्व विधायक को टोकती है। हालांकि भाजपा नेता बिना कोई विरोध किए मतदान केंद्र से बाहर निकल गए। अब सोशल मीडिया पर ही लोग इस वीडियो को लेकर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
वर्जन::
भाजपा नेता गड़बड़ी कर रहे थे : रुचि वीरा
पूर्व विधायक रुचि वीरा ने कहा कि भाजपा के पूर्व मंत्री, एमएलसी, ब्लॉक प्रमुख, प्रत्याशी पति और प्रत्याशी बेटा समेत सौ डेढ़ सौ लोग बूथ में घूमकर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे, सभी जगह शिकायत कर ली, कोई सुनने को तैयार नहीं था। मेरा सवाल है कि वे सभी बूथ के अंदर क्या कर रहे थे, मुझे आशंका है कि इन्होंने बूथ कैप्चरिंग करनी चाही है। वे मेरे ऊपर हमला भी कर सकते थे, मैंने जो भी कुछ कहा अपने बचाव में कहा। जब औरत घिर जाएगी तो क्या करेगी, अपने बचाव में मैं तो सबकुछ कहूंगी। इनकी शिकायत चुनाव आयोग से भी करने की तैयारी कर रही हूं।
ऐसी भाषा शोभा नहीं देती : वीरबल सिंह
भाजपा प्रत्याशी इंदिरा सिंह के पति एवं भाजपा नेता डॉ. वीरबल सिंह ने कहा कि चुनाव के दिन वर्धमान कॉलेज में पूर्व विधायक रुचि वीरा ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह उन्हें शोभा नहीं देते। वह भद्र परिवार से हैं, ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। हम इस पर कोई प्रतिक्रिया भी नहीं देना चाहते। उस दिन भी हमने सबकुछ सुना और वहां से बिना कुछ कहे आ गए। रही बात गड़बड़ी के आरोपों की तो हमने पूरे नियमों का पालन किया है। इस तरह विवाद करके वह माहौल खराब करना चाह रही थी, ताकि मतदान प्रभावित हो जाए।