पलायन के बाद मसूरी के जंगल में तंबू डालकर रहते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
कोतवालीदेहात में गांव गारवपुर में धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव से पलायन करने वाला एक परिवार पंजाब चला गया है, जबकि दो परिवारों ने गांव मसूरी के जंगल में डेरा डाला है। बुधवार को इस मामले में विश्व हिंदू संघ के प्रदेश मंत्री व पूर्व विधायक डा.इंद्रदेव सिंह ने गांव वालों से वार्ता की।
धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर लगवाने की मांग पूरी न होने पर गांव के मान सिंह,भोगेंद्र व अजय पाल ने गांव से पलायन कर दिया था। बुधवार को भोगेंद्र अपनी पत्नी व तीनों बच्चों के साथ वहां से पंजाब चला गया। बाकी दो परिवार जंगल में ही तंबू डालकर रह रहे हैं। एसओ पंकज तोमर ने उनसे जंगल में जाकर बात की, लेकिन उन्होंने गांव में लौटने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार तक मामले का निस्तारण न होने पर कई और परिवारों ने गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है।
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री व पूर्व विधायक डा.इंद्रदेव सिंह ने गांव वालों से वार्ता की। गांव वालों ने बताया कि दूसरे पक्ष के पास भी धर्मस्थल में लाउडस्पीकर बजाने की परमिशन नहीं है। फिर भी प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए केवल उनके धर्मस्थल से ही लाउड स्पीकर उतरवाया है। इस दौरान पुलिसकर्मी धर्मस्थल के अंदर जूते पहनकर ही आ गए थे। डा.इंद्रदेव सिंह के अनुसार प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से गांव वालों में गुस्सा है। पलायन उत्तर प्रदेश में एक बड़ा मुद्दा है। पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उच्च अधिकारियों को बताएंगे।