- नांगल गंगाघाट पर क्षेत्र पंचायत निधि से कराया जा रहा था श्मशान घाट का निर्माण
- भूमि के वन विभाग की होने का दावा, वन अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवाया
फोटो-21एनजेडबी02आर
संवाद न्यूज एजेंसी
नांगलसोती/नजीबाबाद। गंगा घाट क्षेत्र में क्षेत्र पंचायत निधि से बनाए जा रहे श्मशान घाट का निर्माण कार्य वन विभाग ने रुकवा दिया। वन विभाग ने राजगढ़ वन रेंज की भूमि होने का दावा किया है। इससे पूर्व राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त की टीम गंगा घाट क्षेत्र में भूमि की पैमाइश कर चुकी है।
नांगल क्षेत्र का गंगा घाट कई दशकों से उपेक्षा का शिकार हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य के पति और किसान नेता चौ. दिगंबर सिंह के प्रयासों के बाद गंगा घाट पर विकास कार्य हुए। जिला पंचायत से गंगाघाट तक मार्ग निर्माण और क्षेत्र पंचायत निधि से श्मशान घाट का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन वन विभाग लगातार विकास कार्यों में बाधा डाल रहा है।
गंगा घाट क्षेत्र में ब्लाॅक प्रमुख तपराज सिंह और दिगंबर सिंह के संयुक्त प्रयास से वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर ग्राम पंचायत की भूमि श्मशान घाट बनाने के लिए चिह्नित की थी। इस संबंध में उप जिलाधिकारी के द्वारा एनओसी भी दी गई थी, लेकिन जैसे ही अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवा दिया।
किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि गंगा घाट पर हो रहे विकास कार्याें में वन विभाग बार-बार बाधा डाल रहा है। इस संबंध जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। यदि नांगल क्षेत्र के विकास कार्याें में वन विभाग बाधा डालता है तो वन विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। चौ. दिगंबर सिंह ने बताया कि श्मशान घाट के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं। जल्द ही उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
कोट
नांगल गंगा घाट के समीप अंत्येष्टि स्थल का निर्माण वन विभाग की भूमि में कराया जा रहा था। जिस पर रोक लगाई गई है। सर्वे में भूमि वन विभाग की होने की पुष्टि हुई है, जिस पर निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता - सुरेश चंद जोशी, रेंजर, राजगढ़ वन रेंज