बिजनौर में ऑपरेशन गुलदार के तहत जंगल में गश्त करती पुलिस। स्रोत पुलिस।
बिजनौर, नगीना। तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद हमलावर गुलदार को वन विभाग की टीम नौ दिन बाद भी चिह्नित नहीं कर सकी। पैर की सूजन ठीक नहीं होने के चलते लगातार तीसरे दिन भी हथिनी कांबिंग पर नहीं जा सकीं।
बता दें कि 27 जुलाई को क्षेत्र के तेलीपुरा के निकट ग्राम जलालपुर के जंगल में एक 20 वर्षीय युवक को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया था। गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद सक्रिय हुए वन विभाग के आला अधिकारियों ने अपनी करीब 8 टीमों को गुलदार को पकड़ने के लिए मैदान में उतारा है। 9 दिन बाद भी गुलदार की लोकेशन कैमरे में कैद नहीं हो पाई। हालांकि वन विभाग की टीम ने 4 दिन तक करीब 39 किलोमीटर दो हथिनियों से जंगल में कांबिंग भी कराई। वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि शनिवार की दोपहर ग्राम तेलीपुरा व जलालपुर के बीच जंगल में ग्रामीणों ने गुलदार होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद वन विभाग की तीन टीमें मौके पर पहुंचीं। गुलदार को पकड़ने के लिए जाल बिछाने के साथ-साथ ड्रोन कैमरे की भी मदद ली गई, लेकिन गुलदार नहीं मिला। बताया गया कि आसपास के जंगलों में दो अन्य स्थानों पर नई मचान बनाने कि तैयारी की जा रही हैं।