बिजनौर जिले के मोहम्मदपुर राजौरी में 13 दिन की तलाश के बाद वन विभाग ने ड्रोन और काम्बिंग की मदद से बाघ को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया। जिसके बाद से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर राजौरी में शनिवार की देर शाम बाघ आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया। मौके पर वन संरक्षक, डीएफओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को बाघ को लुभाने के लिए वन विभाग द्वारा बांधी गई कटिया को बाघ ने मार डाला था। 13वें दिन भी वन विभाग की टीम बाघ की तलाश में लगातार काम्बिंग करती रही। वहीं वन संरक्षक और डीएफओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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शुक्रवार की देर शाम विभाग ने बाघ को आकर्षित करने के लिए एक कटिया बांधी थी। उसी दौरान बाघ ने कटिया पर हमला कर उसे मार डाला। वहीं शनिवार की देर शाम वन संरक्षक रमेशचंद्र, डीएफओ जय सिंह कुशवाहा, एसडीओ ज्ञान सिंह, अंशुमन मित्तल और रेंजर प्रदीप शर्मा सहित वन कर्मियों ने मौके का निरीक्षण किया और काम्बिंग की।
ड्रोन से बाघ को ट्रेस करने के साथ ही जमीनी तलाश भी जारी रही। इसी बीच बाघ वन विभाग की रेंज में आ गया, जिसे पीलीभीत रेंज से आए ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ डॉक्टर दक्ष गंगवार ने ट्रैंकुलाइज किया और बाघ विभाग की पकड़ में आ गया।