उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल ने बताया कि यह छापेमारी उसी घटना के बाद सतर्कता बढ़ाने के लिए की गई। उन्होंने कहा कि गश्ती दलों को निर्देश दिए गए थे कि जनता से सौम्य व्यवहार करें और केवल संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती बरतें।
जांच में सभी डेरों पर सामान्य स्थिति मिली, हालांकि ग्रामीणों को चेतावनी दी गई कि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। विभाग ने सभी रास्तों पर कड़ी चैकिंग जारी रखने का फैसला किया है और स्थानीय लोगों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की अपील की है।