बिजनौर। बहसूमा-बिजनौर फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए गंगा में खोदाई करने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। अब वन विभाग ने इस मामले में चार्जशीट तैयार कर ली है और कोर्ट को भेज दी है। इससे पहले प्रशासन की ओर से एनएच पर काम कर रही संस्था पर एक करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया था। वहीं अब वन विभाग भी दो करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है।
पिछले साल बिजनौर बैराज के पास एनएच की सड़क बना रही संस्था ने गंगा से खनन करा दिया था। रेत उठाकर अप्रोच रोड पर डाल दी थी, जबकि यह हस्तिनापुर सेंचुरी का मामला था। ऐसे में प्रशासन ने ने एनएच और संबंधित ठेकेदार पर एक करोड़ का जुर्माना लगाते हुए नोटिस जारी किया गया था। इसी मामले में वन विभाग ने भी मिट्टी भराव करने वाली केसीआर फर्म के खिलाफ वन अपराध पंजीकृत किया था। वन विभाग की जांच में सामने आया था कि खनिज सामग्री को बिना वैध कागजों के लाकर भंडारण किया गया। इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। खजिन सामग्री के प्रपत्र नहीं होने पर इसे वन संपदा माना गया। वन विभाग ने इसे वन संपदा का अवैध अभिवहन और अवैध भंडारण माना। एक साल बाद वन विभाग ने इस मामले में सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कराई थी। वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि चार्जशीट दाखिल करा दी गई है। इस मामले में जुर्माना निर्धारण भी किया जाएगा। करीब दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना वन विभाग लगा सकता है।