शिवभक्तों की डगर के कंकड़ बनेंगे फूल
अफजलगढ़। कहावत यह भी है कि जिस राह से कांवड़िये गुजर जाए, उस राह के कंकड़ भी उनके लिए फूल बन जाते हैं। लेकिन प्रशासनिक मशीनरी की दिवालिया मानसिकता का यह आलम है कि बदहाल मार्गों की दशा सुधारने को शिवरात्री का आगाज होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाए गए। पथरीले व कंकड़ भरे मार्ग ही उनके लिए फूल बनकर राह को आसान करेंगे। हालांकि दावा किया जा रहा है कि कांवड़ियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को काम में लगा दिया गया है।
शिवरात्री के पर्व पर प्रदेश के कई जनपदों से हजारों कांवड़िये हरिद्वार से कांवड़ लेकर नगीना से हरेवली व अफजलगढ़ मार्ग से होकर गुजरते हैं। क्योंकि इस मार्ग से कम दूरी तय करनी पड़ती है। पिछली बार की तरह इस बार भी प्रशासन कोरे आश्वासन दे रहा है। मार्गों की बदहाली ठीक करने के लिए कोई कदम अख्तियार नहीं किए गए। प्रशासनिक अधिकारी दफ्तारों में रूम हीटर लगाकर ही हाथ सेंकने में मशगूल हैं। अधिकारियों की उदासीनता से हालात ऐसे लग रहे हैं कि कांवड़ियों को इस बार भी पथरीले व कंकड़ युक्त मार्गों से होकर ही अपने मंजिल को पार करना होगा। जबकि इन मार्गों पर नंगे पांव चलना तो दूर जूते चप्पल पहनकर चलने में भी मुश्किल होती है। बावजूद इसके अधिकारी दफ्तरों में बैठकर ढांढस बंधा रहे कि मार्गों की दशा सुधारने का काम चल रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि अभी किसी भी मार्ग पर कांवड़ यात्रा को लेकर कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है।
गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं
गुरविंदर सिंह का कहना कि करीब एक वर्ष से विभागीय अधिकारियों से मार्ग की मरम्मत कराने की गुहार लगाई जा रही। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
शिवभक्तों की परेशानी से अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं
बलकार सिंह का कहना है अनेक बार ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन करने के बाद भी विभागीय अधिकारियों पर कोई फर्क नही पड़ा। उन्होंने शिवभक्तों की परेशानी को देखते हुए शीघ्र मार्ग की मरम्मत कराने की बात कही है।
सरकार के आदेशों का भी नहीं हुआ पालन
सतेंद्र फौजी का कहना है कि सरकार के सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के आदेश के बावजूद उनके कानों पर जूं तक नही रेंगी। जबकि अभी तो मार्ग की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार पर थी।
मार्ग से गुजरते हैं गैर जनपदों के शिवभक्त
श्यामलाल भारद्वाज का कहना है कि इस मार्ग से करीब दर्जनों से अधिक गांव व जनपदों के शिवभक्त इस मार्ग से हर वर्ष गुजरते हैं। मार्ग के गड्ढों व पथरीले होने से शिवभक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर शीघ्र ही मार्गों की मरम्मत नहीं कराई गई तो इस बार भी शिवभक्तों को कठिनाइयों से होकर गुजरना होगा।