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बेहतर सड़क और पुलों का अभाव बन रहा विकास में बाधक

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पांच साल बाद... फिर वही वादे और कोरी घोषणाएं
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बढ़ापुर। पांच साल के बाद चुनाव आता है तो विकास की बात की जाती है, बीत जाने पर मुद्दों पर गौर नहीं होता। खासकर बेहतर सड़क और पुलों के निर्माण मुद्दा आज भी जस का तस बना हुआ है। बढ़ापुर कस्बे की मुख्य सड़क से ही गुजरना मुश्किल होता है। वहीं क्षेत्र में तमाम समस्याएं हैं, जिनका समाधान नहीं हो सका।
साल 2012 में जिले में बढ़ापुर विधानसभा का गठन हुआ, इससे पहले तक यह इलाका अफजलगढ़ विधानसभा के अधीन होता था। विधानसभा बनने के बाद लोगों में आस जगी कि सालों से विकास की बाट जोह रहे क्षेत्र में अब बदलाव आएगा। बता दें कि शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा बढ़ापुर इलाका जिले में अंतिम छोर पर है। बढ़ापुर कस्बा तीन ओर से नदियों से घिरा है। बरसाती दिनों में कस्बे के तीनों ओर बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ने पर कस्बे का क्षेत्र के गांवों व जनपद मुख्यालय से भी संपर्क कट जाता है। इन्ही नदियों की समस्याओं के कारण बढ़ापुर क्षेत्र के गांवों के लोग सामान की खरीदारी करने बढ़ापुर नही आते बल्कि नगीना, अफजलगढ़ व धामपुर आदि नगरों से सामान की खरीदारी करने के लिए निकल जाते हैं। यदि इन नदियों पर पुल आदि बने होते तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग बढ़ापुर आकर सामान की खरीदारी करते और कस्बे के व्यवसायी व दुकानदारों के कारोबार में इजाफा होता।
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बाईपास का निर्माण जरूरी
सलीम मलिक बताते हैं कि बढ़ापुर कस्बे का मुख्य मार्ग इतना तंग है कि आमने-सामने आने वाली दो कारों का भी आपस में बच पाना मुश्किल होता है। जिसके चलते बढ़ापुर के बाईपास मार्ग निर्माण की है। जिसकी मांग क्षेत्रवासी पुराने समय से करते चले आ रहे है, पर कोई समाधान नही हुआ, और समस्या जस की तस बनी है। कस्बे का बाईपास मार्ग नही होना भी बढ़ापुर के विकास में बाधक बना है।
खो नदी पर पुल का निर्माण अधूरा पड़ा
रामवीर सिंह बताते हैं कि बढ़ापुर-रायपुर मार्ग पर गांव शाहलीपुर कोटरा के पास खो नदी पर पुल का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। इस पुल के बनने से बढ़ापुर क्षेत्र के लोगों को रायपुर और नजीबाबाद पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। तमाम कोशिशों के बाद भी इस पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की हो तैनाती
लोकेंद्र सिंह का कहना है कि बढ़ापुर कस्बे समेत आसपास के दर्जनों गांवों के स्वास्थ्य की निगरानी रखने वाले बढ़ापुर के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र पर सदैव चिकित्सक का अभाव बना रहता है। केंद्र पर नियुक्त फार्मासिस्ट ही केंद्र को संचालित करते है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती का होना भी बेहद जरूरी है। सालों से चली आ रही इस मांग पर ध्यान ही नहीं दिया गया।
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कन्या महाविद्यालय का होना चाहिए निर्माण
मेघराज सिंह बताते हैं कि क्षेत्र में छात्राओं के लिए कन्या महाविद्यालय निर्माण होने की भी अधिक आवश्यकता है। छात्राओं को पढ़ने के लिए नगीना जाना पड़ता है। कॉलेज बन जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा। बताया कि युवा वर्ग क्षेत्र के युवाओं के लिए एक स्टेडियम निर्माण की भी मांग करता रहा है।
बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र
मतदान केंद्र 239
बूथ 415
पुरुष मतदाता 190201
महिला मतदाता 167647
कुल मतदाता 357862
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