अखलाक हत्याकांड में पांच को आजीवन कारावास
बिजनौर। एडीजे डॉ. मनु कालिया ने अखलाक हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 31-31 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार किरतपुर निवासी मीना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मूलरूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। उसके पति अखलाक ने पैतृक संपत्ति बेचकर किरतपुर आ गए थे। यहां उन्होंने जोत की जमीन खरीदी थी व प्रॉप्रर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। किरतपुर के ही रिजवान व महफूज उसके पति के साथ मिलकर प्लॉट व जमीन बेचने का काम करते थे। अखलाक के उन पर 10 लाख रुपये बकाया थे। ईद के दिन इमरान, रिजवान व फैजान पुत्रगण छुट्टन व छुट्टन पुत्र मुन्ना, महफूज और अरशद निवासीगण किरतपुर अखलाक के पास उनके घर आए और हिसाब करने की बात कहने लगे। पति के कहने पर उसने सभी को खीर परोसी। खीर खाने के बाद इन लोगों ने उसके पति अखलाक को गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपी अखलाक व बेटे वसीम को घर के बाहर जबरदस्ती खींच कर ले गए व उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें अखलाक व वसीम घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर अखलाक को मृत घोषित कर दिया गया व वसीम को मेरठ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने इस हत्याकांड के अभियुक्तों से अवैध तमंचे बरामद किए थे। इस मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी छुट्टन की मौत हो गई। अभियुक्तों अरशद, इमरान, रिजवान, फैजान, मजफूज अली को अखलाक की हत्या का दोषी पाते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।