नहटौर के गांव दामनगर के जंगल में पिंजरे में कैद फिशिंग कैट। स्रोत ग्रामीण
नहटौर। गांव दामनगर के जंगल में स्थित बाबा भूरे शाह नौ गजे पीर की मजार के पास वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में डेढ़ माह बाद बृहस्पतिवार को फिशिंग कैट (जंगली बिल्ली) कैद हो गई। उधर पिंजरे में गुलदार के शावक के कैद होने की बात फैलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इसे देखने के लिए मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने इसे पहचान कर ग्रामीणों को फिशिंग कैट होने की जानकारी दी। रेंजर शशांक गुप्ता ने बताया कि जिसे ग्रामीण गुलदार का शावक समझ रहे थे, वह फिशिंग कैट थी। इसे सुरक्षित स्थान पर छुड़वा दिया गया है।