गोवंश मालिकों के खिलाफ एफआईआर
बिजनौर। प्रशासन ने गोवंश को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। खोजी टीमों को किरतपुर ब्लॉक में गोवंश खुले घूमते मिले। सीडीओ पूर्ण बोरा ने पशु मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कैटल शेडों की जमीनी हकीकत जानने के लिए ब्लॉकवार टीम बनाई है।
डीएम उमेश मिश्रा ने निराश्रित गोवंश को लेकर अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई। डीएम ने गोवंश संरक्षण के लिए अभियान चलाने के लिए कहा। अभियान की कमान सीडीओ पूर्ण बोरा को सौंपी गई। सीडीओ ने अधिकारियों से अभियान में ढील नहीं बरतने पर जोर दिया है। सीडीओ ने बताया कि किरतपुर ब्लॉक में गोवंश खुले घूमते मिले हैं। इस आरोप में पांच पशु मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। बताया जिले में 35 गो आश्रय स्थल संचालित हैं। करीब एक दर्जन आश्रय स्थल नए बन रहे हैं। कुछ आश्रय स्थलों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि जिले के 35 गो आश्रय स्थलों में करीब 3500 पशु रह रहे हैं। गोवंश को हरा चारा, भूसा, पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा। गोवंश को ठंड से बचने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश हैं। पशु चिकित्सकों पर गोवंश की स्वास्थ्य जांच करने की जिम्मेदारी है। सीडीओ पूर्ण बोरा के मुताबिक सभी तहसील एसडीएम को केटल शेड व गोवंश को प्रदत्त सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने को कहा गया है।