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Bijnor News: कारगिल की जंग में फीना के अशोक हुए थे शहीद

Wed, 26 Jul 2023 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- शहादत के बाद बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन पूरे नहीं हो सके
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शिवाला कलां। करगिल की जंग में फीना के अशोक कुमार ने शहादत दी थी। उस वक्त शहादत के बाद बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन पूरे नहीं हो सके। शहीद की माता और पिता का भी देहांत हो गया है। शहीद के इकलौता बेटे को जीवन यापन के लिए भी रोजगार नहीं मिल सका है। शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने तक कोई नहीं आता।


गोरखा रेजिमेंट की तीसरी बटालियन में नायक के पद पर तैनात अशोक कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके बेटे ने नितिन कुमार ने बताया कि पिता की शहादत पर प्रशासन ने उन्हें 50 बीघा जमीन देने, अशोक के नाम पर डिग्री कॉलेज खोलने, उसके बच्चे को मुफ्त शिक्षा दिलाने एवं परिजनों को पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने का वादा किया था, लेकिन शहादत के 23 वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
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करगिल फतेह के लिए अशोक ने दिया था सर्वोच्च बलिदान



युद्ध के समय अशोक कुमार की बटालियन की तैनाती द्रास सेक्टर में थी। 10 जुलाई की रात को उनकी बटालियन को एक चोटी को जीतने का लक्ष्य दिया गया था। दुश्मन काफी ऊपर था, जबकि भारतीय फौज पहाड़ी पर नीचे से ही चल रही थी। दुश्मन को भारतीय जवानों के आने का पता लग गया। जिसके बाद कई घंटे गोलियां चलीं और 11 जुलाई की सुबह तक सभी पाकिस्तान सैनिक मारे गए। इसी दौरान भारतीय फौज ने उस चोटी पर तो विजय पताका फहरा दी, लेकिन दुर्भाग्य से अशोक कुमार को कई गोलियां लगीं और वे शहीद हो गए। गांव फीना के दो प्राइमरी और एक जूनियर हाई स्कूल का नाम कारगिल शहीद अशोक कुमार के नाम पर रखा गया है। चांदपुर-फीना मार्ग का नाम भी शहीद अशोक कुमार के नाम पर है। शहीद अशोक कुमार मार्ग की हालत बेहद खराब है।
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