-माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर नवाचार करने के निर्देश
बिजनौर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय प्रशासनिक समिति बिना मान्यता के चलने वाले विद्यालयों को लेकर सख्त रही। कहा कि विद्यालयों में अनावश्यक रूप से कंट्रोलर अर्थात प्रशासक की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। इंटर कालेजों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर नवाचार करने को कहा। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार के अनुसार समिति को बताया गया कि शासन की गाइडलाइंस के अनुसार शिक्षण कार्य हो रहा है।
लखनऊ से आई उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय प्रशासनिक समिति ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में डीआईओएस रामाज्ञा कुमार माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से उपस्थित रहे। समिति के सभापति डॉ़ हरी सिंह ढिल्लो ने डीआईओएस से माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई लिखाई समेत विभिन्न प्रशासनिक बिंदुओं पर जानकारी ली।
सभापति ने कहा कि अमान्य विद्यालय नहीं चलने चाहिएं। डीआईओएस के अनुसार बताया गया कि जिले में अमान्य विद्यालयों के चलने की कोई शिकायत नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो कारवाई होगी। डॉ़ हरी सिंह ढिल्लो ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर नवाचार किया जाए, जो प्रदेश के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा बने।
-विद्यालयों में बेवजह कंट्रोलर की नियुक्ति से बचें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद वित्तीय समिति के सभापति डॉ़ हरी सिंह ढिल्लो ने जिले के एक माध्यमिक विद्यालय की प्रबंध समिति के चुनाव के बारे में जानकारी ली। डॉ़ ढिल्लो ने डीआईओएस से कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में अनावश्यक कंट्रोलर अर्थात प्रशासक की नियुक्ति करने से बचें। इससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों की प्रगति बाधित होती है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार के अनुसार समिति को बताया गया कि उनके स्तर से चुनाव का कोई प्रकरण लंबित नहीं है। सदस्यता का मामला डीआईओएस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। सभापति ने पेंशन, मृतक आश्रितों की नियुक्ति आदि की जानकारी ली।