बिजनौर/नहटौर/चांदपुर/ जलीलपुर/बरूकी। बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नहटौर, चांदपुर आैर बरूकी क्षेत्र में बुखार से आठ और मौत हो गई हैं। बुखार के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुखार को लेकर हर तरफ दहशत फैली है। यह संक्रामक बीमारियों की तरह फैल रहा है। बुखार से विभाग के हाथ पैर फूले हैं।
चांदपुर के गांव गोयली निवासी गुलजार का 11 वर्षीय पुत्र मो. इमरान कक्षा पांच का छात्र था। उसे पांच दिनों से बुखार आ रहा था। उसका निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। मंगलवार शाम हालत बिगड़ने पर नूरपुर सीएचसी ले जाया गया।
वहां से उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, रमेश के पुत्र सचिन को एक सप्ताह से बुखार आया था। उसका उपचार भी निजी चिकित्सक से कराया जा रहा था। उसकी भी दो दिन पूर्व उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रधान लियाकत के मुताबिक गांव में काफी संख्या में बुखार रोगी हैं।
वहीं, बरूकी के गांव पमडावली निवासी रोहताश की 23 वर्षीय पत्नी मंजीता ने करीब एक सप्ताह पूर्व बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद मंजीता को बुखार आ गया। उसे उपचार हेतु मेरठ ले जाया गया। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। उधर, नहटौर क्षेत्र के गांव मुज्जफरपुर नंहेणा निवासी भूरे सिंह 65 वर्ष को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था।
उन्हें निजी चिकित्सक को दिखाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी गांव के बंटी सिंह की छह वर्षीय पुत्री अन्नु भी बुखार की चपेट में आई हुई थी। उसने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
गांव बल्लाशेरपुर में मो.अंजार की पत्नी फरहाना को कई दिनों से बुखार आ रहा था। गांव में उपचार कराने के बाद उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर धामपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जलीलपुर के बमनौला में 65 वर्षीय फतह सिंह को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। सोमवार को उनकी मौत हो गई। गांव निवासी 60 वर्षीय लल्लू सिंह को करीब एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई। गांव में बमनौला में एक सप्ताह में अंतराम सिंह 50 वर्ष, दुर्गा 55 वर्ष, गांव सब्दलपुर तेली के पूर्व प्रधान लियाकत अली, गांव शाहपुर भसौड़ी के जयपाल सिंह की बुखार के चलते मौत हो चुकी है।
डेंगू रोगी को कराया मुरादाबाद में भर्ती
हल्दौर। गांव औलियापुर निवासी सिब्तेहसन के पुत्र 26 वर्षीय पुत्र इकरार को पांच दिन पूर्व बुखार आया था। हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने डेंगू की पुष्टि की है।
इकरार के पिता सिब्तेहसन, भाई अबरार व रिहान भी बुखार से पीड़ित हैं। उधर, कोतवाली देहात में तुकमापुर में बुखार रोगियों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव तुकमापुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम ने वहां
405 बुखार के मरीजों का उपचार किया। 70 की स्लाइड बनाई।
नहटौर क्षेत्र में हो चुकी हैं दस मौतें
कई गांवों में बुखार के प्रकोप से लोग जूझ रहे हैं। एक ही दिन में तीन मौत होने से लोगों में दहशत फैली हुई है। इससे पूर्व गांव ढ़कोली में बच्ची नंदनी, महिला सर्वेश देवी, मेहरअलीपुर में यशपाल सिंह, बेगराजपुर में जुबैर अहमद, ढकौला में सीताराम सिंह, मोहल्ला ईदगाह में जैबा व होलीयान में कमला सैनी सहित अब तक क्षेत्र में बुखार की चपेट में आने से दस लोगों की मौत हो चुकी हैं। चिकित्सा प्रभारी जीबी कटारिया का कहना हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गांव बघाला में बुखार बरकरार
नगीना। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के बावजूद गांव बघाला में बुखार के मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। गांव में चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम मरीजों के उपचार में जुटी है। इसके बावजूद नगीना सीएचसी पर बुधवार सुबह 60 वर्षीय वहीदन पत्नी बहाजुद्दीन, मोहसीलना 16 वर्ष, राईना 18 वर्ष पुत्री रईस अहमद की हालत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया। तहसीलदार परमानंद झा ने बताया कि ब्लॉक कोतवाली के चिकित्सालय के तीन चिकित्सकों को डॉ. योगेश के नेतृत्व में लगाया गया है। सफाई व्यवस्था कराई जा रही है।