सहसपुर में क्षेत्र के गांव किवाड़ में बुखार का प्रकोप बढ़ता चला जा रहा है। रविवार की रात बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई। दोनों की मौत से घर में कोहराम मच गया।
गांव किवाड़ निवासी ओमपाल सिंह पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। पीड़ित का इलाज करीब 15 दिन से आसपास के निजी चिकित्सकों के यहां चल रहा था। आराम नहीं होने पर परिजन उसे घर वापस ले आए। जहां उसने बीती रात दम तोड़ दिया। उधर, गांव मंडैयो निवासी बृजपाल सिंह शाहजहांपुर में कई वर्षों से एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। अचानक उसे बुखार का असर हुआ। साथियों ने उसे शाहजहांपुर के निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। बृजपाल के परिजनों को मामले की सूचना दी गई। सूचना पाकर परिजनों ने आसपास के चिकित्सकों को दिखाया। जांच के दौरान चिकित्सकों ने चिकनगुनिया के लक्षण बताए। इस बीच बृजपाल करीब दस दिन तक जिंदगी से जंग लड़ता रहा। आखिर उसने शुक्रवार की रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। उधर, आशीष चौधरी ने बताया कि गांव में पिछले एक माह से मलेरिया व डेंगू बुखार कहर बरपा रखा है। गांव निवासी मनोदर (40), नईम (28), नूनी त्यागी (29) फ़ैसल (15) समीना (22), महिपाल (45) सहित आदि बुखार से पीड़ित हैं। आरोप है कि गांव किवाड़ में करीब 20 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया था। इसमें दो से चार मरीजों की ब्लड चेक करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। सीएमओ सुखबीर सिंह का कहना है कि गांव में कैंप लगवाकर बुखार से पीड़ितों बेहतर इलाज मुहैया कराया जाएगा। उनका कहना है कि गांव में चिकनगुनिया से हुई मौत की पुष्टि कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।