भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला गैंग गिरफ्तार
नहटौर (बिजनौर)। भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले अंतराज्यीय गैंग का हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया। गैंग के लोगों की धरपकड़ के लिए चार माह से हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयारी कर रही थी। उसके बाद गोपनीय तरीके से कार्रवाई की गई। बिजनौर के स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक सब कुछ होने के बाद लगी।
हरियाणा के अंबाला स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन बलविंदर कौर के नेतृत्व में बृहस्पतिवार की दोपहर को नहटौर पहुंची टीम अपने साथ दो महिलाओं को भी लाई थी। टीम ने एक गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेज दिया। भ्रूण लिंग परीक्षण की एवज में महिला से 30 हजार रुपये वसूले गए। इसके बाद टीम ने पीर की चुंगी के निकट प्रिंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारकर लैब संचालक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
महिला से ली गई 15 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली गई। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर मुकदमा दर्ज कराया। पकड़े गए आरोपियों के नाम संचालक मनोज कुमार निवासी बसेड़ा कुंवर धामपुर, पंकज कुमार गांव नवादा चौहान नहटौर, शशि कुमार गांव बघाला नगीना और मनोज व कुल्वेंद्र निवासी शाहबाद कुरुक्षेत्र हरियाणा हैं। नहटौर में यह गोरखधंधा कई सालों से चल रहा था। इसकी भनक बिजनौर के स्वास्थ्य विभाग को नहीं लगना सवालिया निशान लगा रहा है। एसीएमओ बिजनौर एसके निगम ने डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया है।
हरियाणा से यूपी का रुख कर रहे लोग
नहटौर। हरियाणा में लिंगानुपात के संतुलन को सुधारने के लिए सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में वहां के लोग यूपी की ओर रुख कर रहे हैं। एक भ्रूण लिंग परीक्षण के 30 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। इसके लिए हरियाणा के लोग भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए लाए जा रहे थे। इसके लिए पूरा एक गैंग काम कर रहा था, जिसमें हरियाणा व नहटौर के लोग पकड़े गए हैं। बाहरी अन्य प्रदेश के लोग भी शामिल होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग को खबर ही नहीं
नहटौर। भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में जिस डायग्नोस्टिक सेंटर पर हरियाणा पुलिस ने छापा डाला, वह जिले के स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे वर्षों से चल रहा है। बताया जाता है कि जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कई बार इस सेंटर पर पहुंच चुकी है लेकिन इससे पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई।