मंडावर के ग्राम मोहंडिया के जंगल में वन विभाग के ट्रैप कैमरे में कैद हुआ गुलदार।
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ट्रैप कैमरे के आसपास ही घूम रही मादा गुलदार
बिजनौर। गांव मोहंडिया में खेतों में छिपी बैठी मादा गुलदार वन विभाग के पिंजरों के आसपास ही घूम रही है। ट्रैप कैमरे में उसके फोटो भी कैद हो रहे हैं, लेकिन वह पिंजरे में नहीं फंस रही है। रविवार रात भी मादा गुलदार पौन घंटे तक कैमरे के पास घूमती रही।
मादा गुलदार ने 26 दिसंबर से गांव मोहंडिया के जंगल में ठिकाना बना रखा है। गुलदार को ट्रेस करने को वन विभाग ने दस ट्रैप कैमरे और चार पिंजरे लगाए गए हैं। पहले वन विभाग ने पिंजरे गांवों के चारों तरफ लगाए थे, लेकिन बाद में तीन पिंजरे मालन नदी की ओर कर दिए। मालन नदी की ओर लगे ट्रैप कैमरे में ही गुलदार के फोटो आ रहे थे। वन विभाग के अफसरों का मानना है कि मादा गुलदार मालन नदी पर पानी पीने या फिर पानी पीने गए वन्य जीवों का शिकार करने के लिए बाहर आएगी। उसे पकड़ने के लिए पिंजरों में बकरी बांधी गई और सड़े हुए मांस के टुकड़े भी डाले गए हैं। मादा गुलदार तीन दिन से कैमरे में कैद नहीं हो रही थी। रविवार को मादा गुलदार फिर से मालन नदी की ओर बने रास्ते पर दिखाई दी। कैमरे में उसकी फोटो कैद हुई हैं। मादा गुलदार रात नौ बजकर 51 मिनट से दस बजकर 35 मिनट तक कैमरे के आसपास ही घूमती रही, लेकिन पिंजरे की ओर नहीं गई। बार बार कैमरे की फ्लैश लगने के बाद भी मादा गुलदार डरी नहीं। वन विभाग के कर्मचारियों को पिंजरे सोमवार को भी खाली ही मिले।
कर रहे पूरी कोशिश : डीएफओ
जिला वनाधिकारी डाक्टर एम सेम्मारन का कहना है कि मादा गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए अनुमति ली जा रही है। उसे पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही काम किया जा रहा है। उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।