बिजनौर में मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। यह पंक्ति बिजनौर के मूक बधिर विवेक राणा ने चरितार्थ की है। विवेक ने नेशनल स्तर की पांच हजार मीटर की दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया है।
थाना शहर कोतवाली के गांव चंदनपुर निवासी किसान यशपाल सिंह के बेटे विवेक राणा ने नेशनल स्तर की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन किया है। इससे उनके गांव में खुशी का माहौल है। विवेक राणा न सुन सकता है और न बोल सकता है, लेकिन उसने कभी इसको अपनी कमजोरी नहीं समझा। विवेक के पिता यशपाल सिंह ने बताया कि उसे बचपन से ही दौड़ने का शौक था। उसे जिला स्तर से लेकर नेशनल स्तर की दौड़ में कई मेडल हासिल किए हैं। अखिल भारतीय बधिर क्रीड़ा परिषद ने चैन्नई में 28 से 31 मार्च तक नेशनल दौड़ का आयोजन किया था। विवेक ने सीनियर वर्ग में पांच हजार मीटर की दौड़ में पहला स्थाना प्राप्त किया। इससे पहले वह 26 फरवरी 2017 को शाहजहांपुर में हुई प्रदेश स्तर की दौड़ में भी प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है। उसने 24 जनवरी 2016 को छावनी परिषद मेरठ की ओर से हुई मिनी मैराथन में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया था। बिजनौर उपक्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह व निपेंद्र सिंह के देखरेख में तैयारी करता है।