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कोरोना का डर, मंदिरों में कम पहुंच रहे श्रद्धालु

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बिजनौर में मां काली मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। - फोटो : BIJNOR
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कोरोना का डर, मंदिरों में कम पहुंच रहे श्रद्धालु
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बिजनौर। जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण श्रद्धालुओं ने स्वयं ही समझदारी दिखाते हुए अपने घरों में ही पूजा-अर्चना कर उपवास रखे। दूसरे नवरात्रे को मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही। मंदिरों के आसपास रहने वाले लोग ही दर्शन करने पहुंचे।
नवरात्र के दूसरे माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र के सभी नौ दिनों में श्रद्धालुओं का मंदिरों में आवागमन रहता है, लेकिन इस बार कोरोना के तेजी से बढ़ते प्रसार के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। अब फिर से कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से फैलने लगा है। इस कारण जनपद में भी रोजाना बहुतायत संख्या में कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसे रोकने के लिए सभी को दो गज दूरी, मास्क है जरूरी का पालन करना बेहद ही जरूरी है। झालू रोड स्थित महाशक्ति काली माता मंदिर के पुजारी पंडित चंद्रप्रकाश शर्मा और पंडित रामशंकर के अनुसार तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालु स्वयं ही जागरूक होकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मंदिर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं। प्रबंध समिति ने दिन में केवल दो ही आरती के लिए अनुमति दे रखी है। साथ ही मंदिर के भीतर पांच से अधिक लोगों के प्रवेश की आज्ञा नहीं है।
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उन्होंने बताया कि दूसरे दिन बुधवार को 60 से 70 श्रद्धालुओं ने ही मंदिर में आकर पूजा करने के पश्चात प्रसाद चढ़ाया, जबकि सामान्य दिनों में लगभग 200 से 500 के बीच श्रद्धालु पहुंचते थे। श्री चामुंडा धाम के पुजारी पंडित रमाकांत शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या न के बराबर रही। यह बढ़ते कोरोना संक्रमण का ही असर है। बुधवार को मंदिर में केवल 30 से 40 भक्त ही पूजा करने आए। बाकी सामान्य दिनों की अगर बात करें तो मंदिर परिसर से बाहर तक नवरात्रों के सभी नौ दिनों में श्रद्धालुओं की लाइन लगी रहती थी, जो इस बार नहीं दिखाई पड़ रही है।
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