यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से हटाए पसंदीदा चैप्टर
बिजनौर। यूपी बोर्ड ने कोरोना संकट में विद्यार्थियों को राहत दी है। बोर्ड ने दसवीं से बारहवीं तक के सभी विषय के पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती की है। इस साल बारहवीं में व्यंग्यकार हरीशंकर परसाई का निंदा रस तथा अंग्रेजी में मर्चेंट आफ वैनिस पढ़ने को नहीं मिलेगा। साथ ही दसवीं के गणित में छात्रों की पसंदीदा त्रिकोणमिति की सर्वसमिकाएं तथा योग, अंतर, परिमाप की रचना तथा विज्ञान में आइसोटोप्स व आइसोबार को हटा दिया गया है।
बोर्ड से डीआईओएस कार्यालय को कक्षा नौ से बारह तक के सभी विषय के काटे गए 30 प्रतिशत तथा पढ़ाए जाने वाले 70 प्रतिशत भाग का विवरण मिल गया है। इंटर हिंदी में भारतेंदु हरिश्चंद, सोहनलाल द्विवेदी, धर्मवीर भारती तथा प्रताप नारायण मिश्र की रचना हटाई गई हैं। नागरिक शास्त्र में एक दल के प्रभुत्व का दौर एवं कांग्रेस की कार्य प्रणाली की चुनौतियां, इतिहास विषय में संप्रदायवाद एवं विभाजन आदि को बाहर कर दिया है। कक्षा नौ में समांतर चतुर्भुज पर आधारित प्रमेय नहीं होंगी। भारतीय गणित तथा गणितज्ञों की जानकारी देते प्रोजेक्ट बनवाए जाएंगे। विज्ञान में रसोई, भोजन, दवाई, जल के प्रोजेक्ट बनेंगे। छात्रों को खेतों पर जाकर किसानों से हुई बातचीत पर प्रयोग होने वाले खाद तथा भूमि के पोषक तत्वों को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करना है। हिंदी का आंतरिक मूल्यांकन वाद-विवाद, भाषण, व्याकरण, नाटक, कहानी, कविता पत्र लेखन प्रतियोगिताओं से होगा। शिक्षक इसका मासिक रिकार्ड छात्र वार बनाएंगे। हाईस्कूल गणित में बहुपद तथा प्रायिकता नहीं होंगे। विज्ञान में आवर्त सारिणी में डोबराईनर का त्रिक समूह नियम, न्यूलैंड का अष्टक नियम, बायोगैस प्रकाश का प्रकीर्णन हटाए गए हैं। सामाजिक विज्ञान में भारत के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के बारे में जानकारी को निकाल दिया है। इस प्रकार सभी विषयों में कटौती की गई है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार कटौती किए कोर्स के बारे में विवरण आ गया है। बोर्ड के पत्र में कहा गया है कि यह व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए है। छात्रों के कोर्स के तीन भाग होंगे। पहले भाग में शिक्षक वीडियो बनाकर अपलोड करेंगे। दूसरा भाग छात्रों के स्वाध्याय पर तथा तीसरा भाग प्रोजेक्ट पर आधारित होगा।