बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने पीट-पीट कर सुरेंद्र की हत्या किए जाने में महिपाल, छत्रपाल, विकास और ओमप्रकाश को दोषी पाया है। जिन्हें आजीवन कारावास और तीन लाख 60 हजार रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। जिनमें से दो लाख रुपए मृतक के वारिस को देने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान ने बताया कि गांव जमालुद्दीनपुर की रहने वाली गुड्डी देवी पत्नी मदन सिंह ने थाना चांदपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि पड़ोसी छत्रपाल पुत्र नत्थू सिंह और छत्रपाल के बेटे महिपाल, विकास और ओमप्रकाश उसके परिवार से रंजिश रखते हैं। 5 नवंबर 2023 की शाम ओम प्रकाश उसके परिवार वालों से गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपी लाठी डंडे लेकर उसके घर में घुस आए। जिन्होंने उसके पति मदन, देवर सुरेंद्र और सेवाराम पर हमला कर दिया।
हमले में मदन और सुरेंद्र गंभीर रूप से घायल हुए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरेंद्र की 10 नवंबर 2023 को मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान चारों आरोपियों को हत्या किए जाने का दोषी पाया है। जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।