चांदपुर में राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान की नस्ल मिट रही है कृषि घाटे का सौदा हो गया है। किसान की नस्ल को सुरक्षित रखना होगा। इसके लिए उन्होंने किसानों को एकजुट होकर अपनी पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया।
डाकबंगले पर पत्रकारों से बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात पर कहा कि प्रधानमंत्री बताए वह कौन सा रास्ता है कौन सा मैप है जिससे किसानों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान की जिंदगी उधार की जिंदगी हो गई है। आज उसका क्रेडिट कार्ड बंद हो जाए तो बहुत से किसानों के घर चूल्हा नहीं जलेगा।
किसान अपने अधिकतर खर्च क्रेडिट कार्ड के सहारे पूरा कर रहा है।
किसान की मिटती नस्ल को सुरक्षित करना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों को एकजुट होकर अपनी पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन किसान की पार्टी की सरकार होगी उस दिन किसान गन्ना डालेगा नहीं बेचेगा। किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान तुरंत होगा। बड़े बड़े विज्ञापनों से किसानों की बात कही जाती है लेकिन किसानों को उन पर विश्वास नहीं तभी तो फोन कर वीएम को बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों की फसल चौपट हो गई है।
किसानों को राहत नहीं मुआवजा चाहिए। अपना हक चाहिए। उन्होंने किसानों की ओर से नारा तैयार किया कि मुझे सम्मान करना सीखो, मै तुम्हें खिलाता हूं। प्रदेश की सपा सरकार की उपलब्धियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सब किसानों के कंधों पर रखकर सरकार चला रहे हैं। यदि सरकार की कोई उपलब्धियों होती तो हमें आज ऐसे एक साथ बैठने की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने इसे नोटंकी बताया। जाट आरक्षण पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले कि खेती घाटे को सौदा है इसलिए युवा खेती से दूर भाग रहा है, नौकरी की ओर देख रहा है। जाट ने कभी नौकरी करना पसंद नहीं किया। यदि खेती फायदा का सौदा हो तो जाट के बेटे को नौकरी करने की जरूरत नहीं होगी। विधान सभा चुनाव में पार्टी के चुनाव लड़ने की बात पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
यदि किसी पार्टी से गठबंधन होता है तो एजेंडा हमारा होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिकार पाने के लिए एकजुट होना होगा। साथ ही उन्हें कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने के लिए तैयार होना पड़ेगा। इसके बाद ही कुछ हासिल हो सकता है। उन्हें अपनी ताकत का अहसास कराना होगा। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश, आदित्यवीर सिंह, धमेंद्र तोमर, उपेंद्र सिंह, हेमेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।