भीषण गर्मी से पशुओं को बचाकर रखें किसान
बिजनौर। पिछले कई दिनों से जनपद का तापमान 41 डिग्री से ऊपर चल रहा है। भीषण गर्मी, लू मनुष्य ही नहीं पशुओं पर भी भारी पड़ रही है। गर्मी व लू के प्रकोप से बचाव को शासन एवं पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके लिए विभागीय कंट्रोल रूम बनाकर उसका मोबाइल नंबर जारी किया।
ग्रामीण अंचल में कृषि के बाद ग्रामीण जनता की आर्थिक स्थिति पशुधन पर निर्भर करती है। किसान व बिना खेती वाले ग्रामीण पशुपालन करते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए शासन व विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। सामान्य से अधिक तापमान होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। इस मौसम से पशुओं को कई बीमारियां हो जाती हैं। पशु चिकित्सक का कहना है कि तापमान अधिक व गर्म हवा चलने से पशुओं में तेज बुखार, उल्टी हो जाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। फसलों पर भी सूखे जैसा प्रभाव पड़ता है, जिससे हरे चारे में हाईड्रोसाइनिक एसिड नाम का एक जहरीला पदार्थ उत्पन्न हो जाता है। जिसके खाने से 80 प्रतिशत तक पशु की असमय मौत हो जाती है। इस जहरीले पानी से रोक के इलाज के लिए 55-60 ग्राम सोडियम थायोसल्फेट, 750 ग्राम पानी में घोल कर तुरंत पशु को दिया जाता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि पशुपालक पशुओं को गर्मी से बचाव रखे।