- भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने किया धरना प्रदर्शन
- एक महीने में ही बिजनौर तहसील के दो लेखपाल रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए पकड़े गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले ब्लाॅक मोहम्मदपुर देवमल के अनेक किसान ट्रैक्टरों के साथ सदर तहसील पहुंचे। उन्होंने तहसील में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन कर धरना दिया।
जिला महासचिव नितेंद्र प्रधान और प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल कुमार ने कहा कि आज केवल एक ब्लॉक के कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम है। अगर आवश्यकता पड़ी तो पूरे जिले के कार्यकर्ता बिजनौर पहुंचने का काम करेंगे। आठ दिसंबर को पूरी तहसील के कार्यकर्ताओं को ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल तथा ब्लॉक हल्दौर के किसान सदर तहसील पर पहुंचेंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष अंकित कुमार निर्वाल ने आरोप लगाया कि सदर तहसील भ्रष्टाचार व्याप्त है। विरासत दर्ज, खसरा खतौनी, आय-जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वसूली की जाती है। वक्ताओं ने मालन नदी में केमिकल युक्त पानी डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। धरने पर उदयवीर सिंह, हुकुम सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, गौरव जिंघाला आदि उपस्थित रहे।
बिजनौर सदर तहसील पर लगातार लग रहे दाग
बिजनौर सदर तहसील में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। पैसे लेने के मामले में कई लेखपालों पर विजिलेंस टीम के शिकंजे में आ चुके हैं। इतना ही नहीं पैसे लेने की शिकायत पर डीएम अंकित अग्रवाल भी नगीना की एक महिला लेखपाल को निलंबित कर चुके हैं। मलगातार कार्रवाई होने के बावजूद भी लेखपाल पैसे लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
केस नंबर एक
एंटी करप्शन की टीम ने सात नंवबर को बिजनौर तहसील में तैनात बंदोबस्त लेखपाल मोहम्मद अहसान को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस लेखपाल ने दाखिल खारिज की एवज में रिश्वत की मांग की थी।
केस नंबर दो
बरेली की विजिलेंस की टीम ने एक दिसंबर को लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने पर रंगेहाथ पकड़ा। लेखपाल सतेंद्र कुमार ने दाखिल खारिज के एवज में रिश्वत की मांग की थी। लगातार लेखपाल पैसे मांगने कर शिकायत पर पकड़े जा रहे हैं।
केस नंबर तीन
नगीना तहसील दिवस में एक व्यक्ति ने महिला लेखपाल की पैसे मांगने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर डीएम ने तत्काल रूप से महिला लेखपाल को निलंबित कर दिया था। इससे पहले भी नगीना तहसील में लेखपालों पर रिश्वत लेने पर कार्रवाई हो चुकी है।