मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन देने जाते राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के कार्यकर्ता।
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बिजनौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी ने शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान कराने, फसलों के लाभकारी मूल्य व ऋण पर प्रीमियम काटे जाने के विरोध में कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिली और सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की बल्ले बल्ले है। प्रदर्शनकारियों ने डीएम बी चंद्रकला को सौंपे ज्ञापन में किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की गई है। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
पीडब्लूडी के डाक बंगले में हुई बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी ओमवेश ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसानों की स्थिति खराब है। केंद्र और प्रदेश सरकार सातवां वेतन आयोग लगाकर कर्मचारियों का वेतन 23 प्रतिशत बढ़ा रही हैं, लेकिन फसलों के मूल्यों का निर्धारण सरकार बिना लागत मूल्य जोड़े किसानों के प्रतिनिधित्व के बिना ही न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर देती है। किसानों के लिए कभी योजना नहीं बनाई जाती। शुगर मिलें बंद होने के चार महीने बाद भी किसान गन्ना भुगतान के लिए भटक रहा है। बीमा राशि लगाने के बहाने किसानों को बैंकों द्वारा ठगा जा रहा है।
इसके बाद किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में ऋण पर दो प्रतिशत बीमा राशि काटने की अनिवार्यता खत्म करने व बीमा राशि स्वैच्छिक करने, सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को एकमुश्त भुगतान दिलाने, शत प्रतिशत गन्ना भुगतान एकमुश्त कराने, पिछले साल कालागढ़ डैम से पानी छोड़े जाने से हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बिजली की जर्जर लाइन बदलवाने व देहात में 20 घंटे बिजली देने, मध्य गंगा नहर फेज 2 में किसानों की जमीन बिना अधिग्रहण न लेने, पूर्व में कराए बैनामे निरस्त कराने व किसानों को क्षेत्रीय रेट का चार गुना मुआवजा देने की मांग की गई। इस दौरान प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष हरि सिंह चौहान, जिला महासचिव विनोद कुमार, आदित्यवीर सिंह, जयपाल सिंह, कल्याण सिंह महाशय, संसार सिंह, शकील अहमद, हरगुलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।