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Bijnor News: कोतवाली देहात - गुलदार के खौफ का चक्रव्यूह भेदने को बनवाए भाले

Mon, 31 Jul 2023 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- नरभक्षी के डर से चारा काटते समय किसान दे रहे पहरा
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- लाइसेंसी बंदूक, लाठी-डंडे और भाले लेकर समूह में जा रहे किसान
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली देहात (बिजनौर)। मखवाड़ा के बाद तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद किसान डरे हुए हैं। हर जगह गुलदार का खौफ है। इस खौफ से निपटने और जंगल में सुरक्षा के लिए किसान लोहार से भाले बनवा रहे हैं। दो किसान पहरा दे रहे हैं, उनकी मौजूदगी में चारा काटा जा रहा है। किसान अकेले जंगल जाते हुए डर रहे हैं और समूह बनाकर खेती का काम कर रहे हैं।
तेलीपुरा गांव में दोपहर लगभग 11 बजे किसान राम भजन सिंह, नितिन कुमार, कामेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, अमित कुमार, यशपाल सिंह खेतों की ओर जाते हैं। अमित कुमार और नितिन कुमार का खेत पहले आता है। अमित कुमार के साथ किसान यशपाल सिंह, अवनीश कुमार भी उनका चारा कटवाने लगते हैं। इस दौरान किसान राम भजन सिंह, शैलेंद्र सिंह लाठी-डंडों के साथ खड़े हो जाते हैं। बलजीत सिंह थाली बजाते हैं जिससे गुलदार को लगे कि किसान समूह में हैं। किसान सुनील कुमार जंगल जाते हैं तो अपनी लाइसेंसी बंदूक भी साथ लेकर जाते हैं। साथी किसान जब खेतों में काम कर रहे होते हैं तब सुनील कुमार बंदूक लेकर पहरेदार की तरह खड़े रहते हैं। भारतीय किसान यूनियन के ब्लाॅक अध्यक्ष ग्राम तेलीपुरा निवासी किसान बलजीत सिंह बताते हैं कि वन विभाग द्वारा कहा जा रहा है कि हमें गुलदार के साथ रहना सीखना होगा।
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80 से 120 रुपये में बनाया जा रहा भाला
क्षेत्र के किसान नगीना तथा अकबराबाद में लोहारों से लोहे के नुकीले भाले बनवा रहे हैं। इसके लिए ठोस लोहा लेकर जाते हैं। लोहार 80 रुपये से 120 रुपये लेकर लोहे को नुकीला कर लाठी के आगे लगा देते हैं, जिससे भाला तैयार हो जाता है। गांव तेलीपुरा में लगे पिंजरे की ओर गुलदार नहीं आया है। वन विभाग द्वारा पिंजरे के साथ-साथ ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
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