किसानों ने तौल बंद कराकर लिपिक को बंधक बनाया
हल्दौर। गांव खतापुर के गन्ना क्रय केंद्र पर तौल लिपिक ने गन्ने की 239 प्रजाति तौलने से इंकार कर दिया। इससे खफा होकर किसानों ने तौल बंद कराकर लिपिक को बंधक बना लिया। किसानों ने मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लगाए रखा। पुलिस मौके पर पहुंची और बामुश्किल जाम खुलवाया। आक्रोशित किसान मौके पर पहुंचे बिलाई चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक के असंतुष्ट जवाब पाकर उनसे भिड़ गए। किसानों ने अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
गांव खतापुर में दारानगर गंज- हल्दौर मार्ग पर बिलाई चीनी मिल का गन्ना क्रय केंद्र है। कांटे पर मदन सिंह तोल लिपिक है। एक दिन पूर्व कुछ किसानों ने कांटे पर अपनी पर्चियों पर गन्ने की 239 प्रजाति तुलाई थी। किसानों के खेतों में उक्त गन्ने की प्रजाति भारी मात्रा में खड़ी है। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे केहर सिंह, बलराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, अमित कुमार, देवेंद्र सिंह, मनोहर सिंह, मदन सिंह, विजय सिंह आदि अनेक किसान कांटे पर 239 गन्ना तुलवाने पहुंचे। किसानों के अनुसार तोल लिपिक ने उनके गन्ने को अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना बताकर तौलने से साफ इंकार कर दिया। इस पर किसान भड़क उठे। किसानों ने लिपिक को जमकर खरीखोटी सुनाई और उसे बंधक बनाकर तोल बंद करा दी। आक्रोशित किसानों ने हंगामा कर दारानगर गंज- हल्दौर मार्ग पर अपनी मांग को लेकर करीब दो घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बामुश्किल किसानों को समझकर जाम खुलवाया। इसके बाद किसानों ने कांटा परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में गजेंद्र सिंह ने कहा कि बिलाई चीनी मिल प्रशासन की सहमति से किसानों ने खेतों में गन्ने की 239 प्रजाति बो रखी है। मिल अधिकारी अब इस प्रजाति को लेने से इंकार कर रहे है। यदि उनका गन्ना मिल नहीं लेती तो उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। सूचना पाकर मौके पर मिल के गन्ना प्रबंधक नवीन आर्य ने किसानों को टरकाने का प्रयास किया और उनसे धरना समाप्त कर तोल चालू करवाने का प्रयास किया। इस पर किसान गन्ना प्रबंधक से भिड़ गए। मामले को तूल पकड़ता देख गन्ना प्रबंधक मौके से निकल लिए। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिम उत्तर प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा ने किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन में शामिल होने की चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।