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मिल में पेराई ठप होने पर भड़के किसान

Fri, 25 Nov 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
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बिजनौर में शुगर मिल चलाने की मांग को लेकर जीएम केन से वार्ता करते रालोद पदाधिकारी और किसान। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर जिले के नजीबाबाद में किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद के ड्रायल हाउस में तकनीकी खराबी आने से पेराई ठप हो गई। लगभग काफी देर तक पेराई ठप होने के बाद तौल कराने आए किसानों ने जमकर हंगामा किया तथा मिल के बाहर जाम लगा दिया।
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किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद का पेराई सत्र सुचारु रूप से जारी रहने के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक मिल संचालन में तकनीकी खराबी आ गई। चेन रुकते ही मिल गेट पर गन्ना तौल बंद हो गई। चीनी मिल के ड्रायल हाउस में तकनीकी खराबी आने के दौरान बड़ी संख्या में किसान चीनी मिल गेट पर गन्ना तौल करने पहुंचे हुए थे। किसानों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि घंटों से वह तौल होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने मिल की लापरवाही से संचालन रुकने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी किसानों ने नजीबाबाद-कोटद्वार हाईवे मार्ग पर स्थित चीनी मिल के बाहर जाम लगा दिया। बताया जाता है कि कुछ प्राईवेट वाहनों ने अपने वाहन निकालने के प्रयास किए। इस पर कुछ किसानों से उनकी झड़पें भी हुईं। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ रामानंद कुशवाहा, एसएसआई नीरज मलिक के नेतृत्व में पहुंचे पुलिस बल ने किसानों को मिल की तकनीकी खराबी दूर किए जाने के प्रयास की जानकारी दी। कुछ समय बाद मिल प्रशासन ने ड्रायल हाउस में आई तकनीकी खराबी दूर कर चीनी मिल संचालन पुन: शुरू कर दिया। इस पर किसानों ने जाम खोल दिया।
उधर, बिजनौर शुगर मिल की आए दिन बंदी से परेशान किसान रालोद जिला अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ जीएम केन से मिले हैं। जिला अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि मिल चले या न चले उन्हें किसानों का गन्ना खरीदना होगा। बिजनौर शुगर मिल में चार दिन की बंदी के बाद 23 नवंबर बुधवार को पिराई शुरू हुई। इस दौरान गन्ने से भरी बुग्गियों की लंबी कतार लग गई। देर शाम मिल के बायलर में फिर कमी आ गई। इस कारण पिराई बंद हो गई। सुबह से लाइन में खड़े किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया।  इस के चलते बृहस्पतिवार को रालोद के जिला अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ ओमपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, शीशराम सिंह आदि दर्जनों किसान बिजनौर शुगर मिल पहुंचे। किसानों की मिल बंदी को लेकर जीएम केन सुरेंद्र सिंह बात हुई। किसानों का पक्ष था कि गेहूं की बुवाई के लिए किसान को खेत खाली करना है। उन्होंने कहा कि मिल तकनीकी कमी के कारण आए दिन बंद रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मिल चले या न चले। मिल को किसानों का गन्ना खरीदना होगा। यदि उनकी मांग पर अमल नहीं किया गया तो परिणाम ठीक नहीं होगा। जीएम केन ने पेराई कराने का भरोसा दिलाया। तभी किसान वहां से लौटे।
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