जिले के किसानों को अब प्लास्टिक मनी से जोड़ा जाएगा। सभी किसानों को उनके केसीसी खातों पर रुपया किसान कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। प्लास्टिक मनी से जुड़ने के बाद किसान बैंकों की लाइन में लगे बगैर ही एटीएम और पोस मशीनों से खरीदारी कर सकेंगे। इससे किसानों को तो फायदा मिलेगा ही, बैंकों से भीड़ का बोझ भी कम हो जाएगा।
जिले में करीब साढ़े तीन लाख किसान हैं। इनमें से करीब तीन लाख किसानों के पास केसीसी हैं अथवा समितियों से जुड़े हैं। जिन किसानों के बैंकों में केसीसी/ऋण खाते खुले हुए हैं, वह सभी किसान बैंकों से ऋण लेते हैं। लेकिन किसान को रुपये लेने के लिए बैंक में लाइन में लगना ही पड़ता है।
किसानों को केसीसी खाते पर रुपये किसान कार्ड दिया जाता है, लेकिन कम किसान ही अपने खातों पर किसान कार्ड लेते हैं। जागरूकता के अभाव में किसान क्रेडिट कार्ड नहीं लेते हैं। लेकिन अब सभी किसानों को प्लास्टिक मनी यानि रुपये किसान कार्ड से जोड़ा जाएगा। किसान बैंक में जाए बिना ही रुपये निकाल सकते हैं।