बिजनौर। पाकिस्तान से आया टिड्डी दल यूपी के जिले झांसी में आ चुका है और अब मध्य प्रदेश की सीमा के पास है। टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग ने गांवों में किसानों के साथ बैठक शुरू कर दी है।
उपकृषि निदेशक जेपी चौधरी के अनुसार रविवार को कई गांवों में बैठक करके किसानों को टिड्डी दल से बचाव के बारे में बताया गया। किसानों को खेतों के आसपास सूखी घासफूस इकट्ठा रखने को कहा है ताकि टिड्डी दल दिखने पर इसे जलाकर टिड्डियों को भगाया जा सके। टिड्डी दिखने पर किसान थाली या टीन दिखाकर आवाज करें क्योंकि ये इस तरह की आवाज से डरते हैं। इनके दल से इंसानों को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। बताया कि टिड्डी दल के खात्मे के लिए फेनुवल डस्ट या मैलाथियान दस किग्रा प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। सुबह के समय इसका छिड़काव करने से पत्तियों पर नमी होने के कारण ये पत्तियों पर जम जाता है। क्लोरोपाइरीफास 50 ईसी 200 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानीमें घोलकर एक एकड़ में छिड़काव करें। छिड़काव का उपयुक्त समय रात 11 बजे से सुबह आठ बजे तक होता है। टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में आपदा राहत दल का गठन किया गया है। इसमे उपकृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी व जिला कृषि रक्षा अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार किसान टिड्डी दल से जुड़ी जानकारी देने के लिए राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम 0522-2732063 पर फोन कर सकते हैं।