- भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने लगाया आरोप
- जब तक खेत में गन्ना, तब तक चलेंगी शुगर मिलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद की शुगर मिलें गन्ना विभाग के साथ मिलकर किसानों की जमीन कम होने अथवा गन्ने का क्षेत्रफल कम दिखाकर पर्चियां काटने का काम कर रही हैं। ताकि शुगर मिलें जल्द बंद हो जाएं। यह आरोप भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने डीसीओ से वार्ता में लगाया। पदाधिकारियों ने कहा कि किसान के कैलेंडरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह, जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही के नेतृत्व में पदाधिकारी जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह से मिले। जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने कहा कि गन्ना विभाग किसानों का उत्पीड़न बंद करें। गन्ना क्षेत्रफल कम दिखाकर कैलेंडर से छेड़छाड़ न की जाए। कहा कि जब तक किसान के खेत में गन्ना रहेगा, तब तक किसी शुगर मिल को बंद नहीं होने दिया जाएगा। दिगंबर सिंह ने कहा कि पेराई सत्र शुरुआत में गन्ना विभाग को ऐसा लग रहा था, जनपद के अंदर गन्ने की कमी है।
गन्ने की कमी को समझते हुए जनपद की समस्त शुगर मिलों ने किसानों के गन्ना कैलेंडर में एडिशनल बाॅन्ड लगाकर पर्चियों को बढ़ा दिया था। अब कम करने में लगे हैं। इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। सर्वे कराकर किसानों को पर्चियां उपलब्ध कराई जाएं। कहा कि नजीबाबाद मिल के क्रय केंद्रों को फ्री करने के बाद ही बंद किया जाए। बजाज शुगर मिल बिलाई के बकाया भुगतान को लेकर भी संगठन ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि बजाज शुगर मिल भुगतान कर दे, वरना आने वाले पेराई सत्र में किसान मिल को गन्ना देने के लिए तैयार नहीं हैं। यदि कोई मिल गन्ना खरीदने में आनाकानी करती है, तो गन्ना विभाग के अधिकारियों के दफ्तर में और प्रशासनिक कार्यालयों में भरा जाएगा। इस दौरान जितेंद्र प्रधान, निपेंद्र प्रधान, अतुल कुमार, गौरव कुमार जिघाला, अंकित निर्वाल आदि शामिल रहे।